

AIIMS Delhi Bans Hospital Reels: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स), दिल्ली ने संस्थान की गरिमा और मरीजों की गोपनीयता की सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार, अब स्टूडेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इंस्टीट्यूट के नाम का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। नए नियम के अनुसार, अस्पताल में मरीजों, उनके परिजनों, मेडिकल रिकॉर्ड या किसी भी प्रकार की पहचान उजागर करने वाले वीडियो या तस्वीरों को इंटरनेट पर शेयर करने पर रोक पाबंदी लगाई गई है।
एम्स ने इंस्टीट्यूट के नाम, लोगो और अन्य आधिकारिक पहचान का उपयोग बिना परमिशन के इंटरनेट मीडिया, सोशल मीडिया अकाउंट समेत अन्य डिजिटल मंचों पर शेयर करने पर पाबंदी लगी दी है। एम्स के अनुसार, इस गाइडलाइन का उद्देश्य इंस्टीट्यूट की पहचान का गलत इस्तेमाल को रोकने, मरीजों की निजता की रक्षा और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके अलावा परीक्षा, मूल्यांकन के साथ-साथ अन्य गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक रूप से साझा करने पर भी रोक लगाई गई है।
संस्थान के अनुसार, पिछले कई वर्षों में रेजिडेंट डॉक्टरों, चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों में अस्पताल कैंपस में रील्स बनाने, उन्हें इंटरनेट पर शेयर करने की प्रवृत्ति में बढ़ोत्तरी देखी गई है। इनके इस रवैये से पेशेंट की प्राइवेसी प्रभावित होने के साथ-साथ संस्थान की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी रहती है।
इन गाइडलाइन्स को न मामने वालों पर एम्स ने कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है। एम्स के अनुसार, इसका उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों, छात्रों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन के अनुसार, डिजिटल दौर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग से मरीजों की निजता और पेशेवर आचरण के नियमों का पालन करना आवश्यक हो गया है।