

Ahmedabad Plane Crash Investigation Update: गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून, 2025 को एयर इंडिया फ्लाइट एआई-171 हादसे की जांच अब अपने अंतिम चरण में है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि दुर्घटना की विस्तृत जांच इस साल अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। एएआईबी द्वारा कोर्ट को आश्वासन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को तय की है। अहमदाबाद में हुए इस भीषण विमान हादसे में कुल 260 लोगों की जान चली गई थी।
अहमदाबाद विमान हादसे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एएआईबी ने जानकारी दी कि यह केवल डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के अधिकारियों द्वारा की जा रही सामान्य इन-हाउस जांच नहीं है। ब्यूरो ने स्पष्ट किया कि जांच अंतरराष्ट्रीय विमानन मानकों और प्रोटोकॉल के अनुरूप की जा रही है। इसमें उन देशों के विशेषज्ञ और मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जिनके नागरिक इस हादसे में मारे गए थे।
अहमदाबाद विमान हादसे पर जांच की सुनवाई भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है। यह सुनवाई हादसे में मृतक पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता और फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स की ओर से दाखिल याचिका पर हुई। इस याचिका में पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने जांच की गति और उसकी प्रकृति पर सवाल उठाए। उन्होंने अदालत में कहा कि हादसे के कई महीने बीत जाने के बावजूद जांच पूरी नहीं हो सकी है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि जांच केवल डीजीसीए के अधिकारियों तक सीमित है, जिससे उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में एएआईबी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिकाकर्ताओं के आरोपों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जांच एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियमों और लागू अंतरराष्ट्रीय संधियों के अनुसार की जा रही है, जिनका भारत भी पक्षकार है। उन्होंने कहा कि विदेशी विशेषज्ञों और संबंधित देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से जांच पूरी तरह पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालित हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दुर्घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट इस वर्ष अक्टूबर तक तैयार कर ली जाएगी और उसे सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। अब इस बहुचर्चित मामले पर सभी की निगाहें 12 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई और अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।