दिल्ली के पालम में शोक सभा के दौरान राजनीतिक भिड़ंत (सोर्स-सोशल मीडिया)
Political Clash In Delhi Palam: दिल्ली के पालम इलाके में हाल ही में एक दर्दनाक अग्निकांड हुआ जिसमें एक ही परिवार के नौ लोगों की दुखद मृत्यु हो गई थी। इस हादसे के बाद शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने पहुंचे राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच गुरुवार को भारी बवाल हो गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पहुंचने से ठीक पहले वहां मौजूद ‘आप’ और बीजेपी समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला लेकिन इस घटना ने इलाके में काफी तनाव पैदा कर दिया है।
शोक सभा के दौरान जब आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज वहां बैठे थे, तभी बीजेपी विधायक कुलदीप सोलंकी वहां पहुंचे। सौरभ भारद्वाज ने सोलंकी को अपने मोबाइल पर एक वीडियो दिखाना शुरू किया जिसमें बचाव कार्य के दौरान हाइड्रोलिक मशीन फेल होती दिख रही थी। भारद्वाज ने इस मशीन की विफलता के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया जिससे वहां तीखी नोकझोंक छिड़ गई।
देखते ही देखते यह बहस गाली-गलौज और धक्का-मुक्की में बदल गई और दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया। इसी गहमागहमी के बीच भीड़ में से किसी अज्ञात व्यक्ति ने एक कुर्सी उठाकर फेंकी जो सीधे आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक को जा लगी। इस हमले में पूर्व विधायक विनय मिश्रा और एक अन्य नेता को चोटें आई हैं जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
ये शोक सभा है ये कुर्सी भाजपा के विधायक कुलदीप सोलंकी के गुण्डों ने मुझे फेंक के मारी , मुझे नहीं लगी, हमारे पूर्व विधायक विनय मिश्रा के सिर में लगी , वो घायल हुए सोचिए एक परिवार के 9 लोग इस भाजपा सरकार की लापरवाही से मर गए और शोकसभा में अरविंद केजरीवाल जी आ रहे थे ये भाजपा… pic.twitter.com/qNT212kO3l — Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) March 19, 2026
स्थिति को बिगड़ता देख वहां सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के नेताओं को वहां से हटा दिया। पुलिस ने उत्तेजित कार्यकर्ताओं को मौके से हटाकर मामले को शांत कराया और घायल नेताओं को प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत अस्पताल भेजा। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के शाम पांच बजे पहुंचने से ठीक पहले हुई इस घटना ने दिल्ली में नया विवाद पैदा कर दिया है। दोनों ही दलों के नेता अब एक-दूसरे पर शांति भंग करने और शोक के माहौल में राजनीति करने का काफी गंभीर आरोप लगा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने भी इस तरह की घटना पर नाराजगी जताई है क्योंकि परिवार अभी नौ सदस्यों को खोने के गम से उभर नहीं पाया है।
अग्निकांड के दौरान हाइड्रोलिक मशीनों के फेल होने के मुद्दे ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। आम आदमी पार्टी इसे सरकार की बड़ी विफलता बता रही है जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि मशीनों को लेकर राजनीति करना सरासर गलत है। इस पूरे मामले की जांच अब तेज कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं के दौरान बचाव कार्यों में कोई बड़ी चूक न हो।
पालम अग्निकांड में जान गंवाने वाले 9 लोगों के परिवार को अब सरकारी सहायता और न्याय मिलने का बेसब्री से इंतजार है ताकि राहत मिल सके। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं और शॉर्ट सर्किट या गैस लीक जैसे पहलुओं पर विस्तार से गौर किया जा रहा है। नेताओं की इस भिड़ंत के बीच पीड़ित परिवार अब भी सदमे में है और वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी शोक सभा को पूरी करना चाहते हैं।
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दिल्ली पुलिस के लिए इस समय इलाके में शांति बनाए रखना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पुलिस अधिकारी दोनों पक्षों के बयानों की जांच कर रहे हैं और मारपीट करने वाले आरोपियों की पहचान करने की पूरी कोशिश में जुटे हुए हैं। राजनीतिक रैलियों और सभाओं के दौरान बढ़ती हिंसा ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और नेताओं के आचरण पर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।