AAP को मजबूत करेगी ASAP, अरविंद केजरीवाल ने गठित की आम आदमी पार्टी की स्टूडेंट विंग

दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और कोचिंग टीचर से नेता बने अवध ओझा की मौजूदगी में इसकी घोषणा की गई।
आम आदमी पार्टी ने छात्र विंग एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स का गठन किया
अरविंद केजरीवाल, अवध ओझा और मनीष सिसोदिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: दिल्ली में मिली करारी हार के बात अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी वापसी के लिए बेताब दिखाई दे रही है। जिसके लिए पार्टी के नेता नए-नए प्रयासों में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में पार्टी ने मंगलवार को अपनी स्टूडेंट विंग का गठन कर दिया है। आप ने इसे ASAP यानी असोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स नाम दिया है।

पार्टी छात्र संगठन के जरिए युवाओं के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश करेगी। आने वाले दिनों में पार्टी जेएनयू, दिल्ली यूनिवर्सिटी, समेत अन्य यूनिवर्सिटी में छात्र संघ का चुनाव इसी विंग के जरिए लड़ेगी। इसी के जरिए पार्टी मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स में भी खुद को मजबूत करेगी।

दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और कोचिंग टीचर से नेता बने अवध ओझा की मौजूदगी में इसकी घोषणा की गई। इस दौरान विंग का लोगो भी जारी किया गया।

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मौके पर कहा कि यह युवाओं का पसंदीदा शब्द है ASAP। आज जहां भी सुधार की जरूरत है, वहां इसकी जरूरत है, हम देर से आए हैं। जब भी हम इस नाम के बारे में सोचेंगे, तो यह हमें बताएगा कि समय नहीं है।

सिसोदिया ने कहा, 'मैं चाहूंगा कि एक दिन हर विश्वविद्यालय से ASAP के अध्यक्ष, सचिव, टीम जीतकर आएं, जहां चुनाव हुए हैं। जहां चुनाव नहीं हुए हैं, वहां हम वैकल्पिक राजनीति की बात करेंगे।' पार्टी ने इस विंग का गठन ऐसे समय में किया है, जब उसे लगातार 10 साल के शासन के बाद दिल्ली में बड़ी हार का सामना करना पड़ा है।

पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और उनके करीबी मनीष सिसोदिया समेत सभी बड़े नेता अपनी सीट भी नहीं बचा पाए। इसके बाद दिल्ली नगर निगम से भी उसे सत्ता गंवानी पड़ी है। करीब एक दशक में राष्ट्रीय पार्टी बन चुकी 'आप' ने एक बार फिर विस्तार की योजनाओं पर काम करना शुरू कर दिया है।

एक तरफ पार्टी ने पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, वहीं दूसरी तरफ गुजरात में संगठन को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इस बीच पार्टी ने अब छात्र इकाई के जरिए कैंपस की राजनीति में पैर जमाने की कोशिश शुरू कर दी है।

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