40 डिग्री की गर्मी और बिजली गुल… पावरकट संकट पर सियासी करंट, CM रेखा के बयान पर आतिशी ने क्या कहा?
आतिशी ने सोमवार रात को सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर लिखा, "कल दिल्ली का तापमान 40 डिग्री था और रात में भी 30 डिग्री से नीचे नहीं आया। सोचिए, इतनी गर्मी में बिजली चली जाए तो आम जनता की हालत कैसी होगी?"
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
आतिशी, आप, फोटो - सोशल मीडिया
नई दिल्ली : “दिल्ली की चिलचिलाती गर्मी और ऊपर से बिजली की आंख-मिचौली…” राजधानी के लाखों लोग इन दिनों बेहाल हैं। और अब इस मुद्दे पर दिल्ली की राजनीति भी गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सीएम जनता की तकलीफों से पूरी तरह बेखबर हैं, और बिजली संकट पर गंभीर नहीं हैं।
आतिशी ने सोमवार रात को सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कल दिल्ली का तापमान 40 डिग्री था और रात में भी 30 डिग्री से नीचे नहीं आया। सोचिए, इतनी गर्मी में बिजली चली जाए तो आम जनता की हालत कैसी होगी?” उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही, लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे कैंडललाइट डिनर बताकर जनता का मजाक उड़ाया। “मैं सीएम से निवेदन करती हूं कि कृपया जनता की तकलीफों का मजाक न बनाएं।”
आतिशी के व्हाट्सऐप इनबॉक्स में लोगों की शिकायतें
आतिशी का कहना है कि हर सुबह उनके व्हाट्सऐप इनबॉक्स में लोगों की शिकायतों की भरमार लग गई। लोग लगातार बिजली कटौती की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संगम विहार, कमला नगर, उत्तम नगर, द्वारका, सोनिया विहार, भोगल और कोटला मुबारकपुर जैसे इलाकों में भीषण बिजली संकट देखा गया।
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पूर्व सीएम केजरीवाल भी हुए मुखर
इससे पहले 10 अप्रैल को, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा था, “हमने पिछले 10 वर्षों में दिल्ली की बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बहुत मेहनत की। लेकिन इसे बर्बाद करने में मौजूदा सरकार ने केवल कुछ ही दिन लिए।”
उन्होंने बताया कि AAP सरकार के समय में जब मांग 8,500 मेगावाट तक पहुंच गई थी, तब भी **एक सेकंड के लिए बिजली नहीं गई थी। जब्कि अब 5,462 मेगावाट की मांग पर भी घंटों की कटौती हो रही है।
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जनता की उम्मीदें और सरकार की नाकामी
गर्मी की इस मार और बिजली की तंगहाली ने दिल्लीवालों की नींद उड़ा दी है। जहां एक ओर आम आदमी हर रोज राहत की उम्मीद कर रहा है, वहीं सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब सवाल यह है कि क्या दिल्ली सरकार इस बिजली संकट से जनता को राहत दिला पाएगी, या फिर यह मुद्दा भी राजनीति की गलियों में खो जाएगा?
