अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा नेता के पुत्र सहित 3 को उम्रकैद, एक्स्ट्रा सर्विस से इंकार किया तो ले ली थी जान
उत्तराखंड में 2022 के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्यायालय का फैसला आ गया है। कोर्ट ने भाजपा नेता के पुत्र सहित 3 लोगों को दोषी करार दिया है। तीनों हत्यारों को उम्रकैद के साथ 50-50 हजार का जुर्माना लगाया है।
- Written By: Saurabh Pal
अंकिता भंडारी (फोटो-सोशल मीडिया)
कोटद्वारः करीब 3 साल पहले उत्तराखंड में बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा नेता का पुत्र पुलकित आर्य समेत 3 कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। इस हत्याकांड में पुलकित के अलावा होटल के दो कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता भी शामिल थे। इन तीनों दोषियों को हत्या के जुर्म में उम्रकैद के साथ 50-50 हजार रुपये का जुर्माना कोर्ट ने लगाया है।
अंकिता भंडारी ऋषिकेश में पुलकित आर्या के रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी। 18 सितंबर 2022 को अंकिता अचानक गायब हो गई थी। 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव चीला नहर में मिला था। मामले में परिजनों ने होटल संचालक व अन्य कर्मचारियों पर बेटी की हत्या का आरोप लगाया था।
अंकिता के पिता ने दोषियों को फांसी देने की मांग की
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2 साल 8 महीने तक बेटी के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह ने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। उनका कहना है कि जिन दरिंदों ने उनकी निर्दोष बेटी को मारा, उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए।
हत्याकांड की पूरी कहानी
ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी। यह रिसॉर्ट भाजपा नेता के पुत्र पुलकित आर्य द्वारा संचालित किया जाता था। 18 सिंतबर को अचानक अंकिता गायब हो गई तो उसके माता पिता ने रिसॉर्ट के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की, लेकिन कोई पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने थाने में FIR दर्ज करवाई। शिकायत के जब पुलिस ने पूछताछ की तो पुलकित ने बताया कि अंकित मानसिक तनाव से गुजर रही थी। 18 सिंतबर को दोस्तों के साथ घूमने गई थी, सभी वापिस आए और अपने-अपने कमरों में गए। 19 सितंबर अंकिता अपने कमरे में नहीं मिली। लेकिन पुलिस की जांच ये कहानी झूठी निकली।
CCTV फुटेज में अंकिता तीनों के साथ जाती नजर आई
पुलिस ने अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि अंकिता इन लोगों के साथ घूमने गई थी, लेकिन वापिस नहीं आई। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले तो पता चला की जाते समय 4 लोग थे, लेकिन वापिस तीन लोग आए। पुलकित की कहानी झूठ निकलते ही पुलिस का शक गहरा गया। उससे सख्ती से पूछताछ शुरू हुई। सोशल मीडिया पर भी उसकी तलाश के लिए कैंपेन चल रहा था। पुलिस ने जब सख्ती बढ़ाई तो आरोपी ने अंकिता को गंगा में धकेल देने की बात कबूल की। इसके बाद रेस्क्यू एजेंसियों ने अंकिता का शव चिल्ला पावर हाउस के पास चीला नहर से बरामद किया।
गलत काम करने से किया मना तो कर दी हत्या
पुलिस जांच में पता चला था कि रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने अंकिता भंडारी पर गलत काम करने का दबाव डाला था। जिसका अंकिता भंडारी ने विरोध किया। इसी बात से नाराज पुलकित आर्य और उनके दो साथियों ने मिलकर अंकिता को चीला नहर में धक्का देकर मार डाला था।
