Wardha News: रोठा हत्याकांड के विरोध में वर्धा बंद सफल, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की उठी मांग

Rotha Murder Case: रोठा गांव में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में वर्धा में विशाल जनआक्रोश मार्च निकाला गया। वर्धा बंद को व्यापारियों का समर्थन मिला।
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वर्धा विरोध प्रदर्शन (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Wardha Protest: रोठा गांव में एक नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या की घटना के विरोध में शनिवार को पूरे वर्धा शहर में जनआक्रोश फूट पड़ा। विभिन्न सामाजिक संगठनों के आह्वान पर निकाले गए विशाल विरोध मार्च में बारिश के बावजूद हजारों नागरिक, महिलाएं और युवा शामिल हुए। वहीं, इस घटना के विरोध में बुलाए गए 'वर्धा बंद' को व्यापारियों और आम नागरिकों का व्यापक समर्थन मिला।

शनिवार सुबह करीब 11 बजे शहर के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से विरोध मार्च की शुरुआत हुई। बारिश के बावजूद लोगों का आक्रोष कम नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने 'पीड़िता को न्याय दो' और 'आरोपी को फांसी दो' जैसे गगनभेदी नारे लगाते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। यह मार्च बजाज चौक और सामान्य अस्पताल मार्ग होते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। वहां प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन को अपनी मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

वर्धा में हजारों लोग सड़कों पर

विरोध मार्च में नगराध्यक्ष सुधीर पांगुल, डॉ। अभ्युदय मेधे, देवली के नगराध्यक्ष किरण ठाकरे, चंद्रशेखर मडावी, संभाजी ब्रिगेड के प्रदेश संयोजक तुषार उमाळे, शरद आडे, विठ्ठल उईके, शिवराज शिंदे, सतीश आत्राम, ज्ञानेश्वर मडावी, राजेंद्र मसराम, नरेंद्र मसराम, अजित इरपाते, विजय जुगनाके, विजय कंगाले, मंगेश सराटे, दुष्यंत ठाकरे, संजय इरपाते, प्रदीप पवार, प्रकाश पेंदाम, राजू आहे, कैलास मरसकोल्हे, आशिष पेंदाम, पीयूष कोल्हे, नरेंद्र तोडासे सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन अधिक तीव्र होगा।

बाजार पूरी तरह बंद, व्यापारियों का मिला समर्थन

रोठा हत्याकांड के विरोध में बुलाए गए वर्षा बंद का शहर के व्यापारियों ने पूर्ण समर्थन किया। मुख्य बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों की दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान दिनभर बंद रहे। व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर घटना के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया।

मुख्य मार्केट में तोड़फोड़ से तनाव

निवेदन देकर लौट रहे कुछ प्रदर्शनकारी शहर के मुख्य मार्केट में प्रवेश कर गए जहां उन्होंने कुछ दुकानें खुली दिखाई देने पर नारे लगाते हुए तोड़फोड़ करना शुरु कर दिया इससे पुरे मार्केट में हडकंप मच गया था इसकी सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। कुछ ठिकानों पर पुलिस को बल का प्रयोग करना पंडा प्रदर्शनकारियों को कब्जे में लेकर स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि मामले में मुख्य आरोपी के अलावा यदि अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता हो तो उसकी भी निष्पक्ष जांच कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए, नसरापुर दुष्कर्म एवं हत्या प्रकरण की तर्ज पर इस मामले का भी दो माह के भीतर निपटारा कर आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग की।

मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर शीघ्र न्याय दिलाने, पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ सरकारी वकीलों की नियुक्ति करने, पुलिस द्वारा समयबद्ध जांच पूरी कर आरोपपत्र जल्द न्यायालय में प्रस्तुत करने तथा पीड़ित परिवार के पुनर्वास एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। मोचों के दौरान पुलिस का तगडा बंदोबस्त तैनात था।

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