केसर की क्यारी में ISI की ना’पाक चाल, टेरेरिज्म के साथ घाटी में इस नए हथियार से मचा रहा तबाही
Jammu and Kashmir news : एक रिपोर्ट के अनुसार, सीमापार से युवाओं को नशे की राह पर धकलने का कार्य किया जा रहा है। जिसे जड़ से खत्म करने के लिए जम्मू और कश्मीर की पुलिस व्यापक स्तर पर काम कर रही है।
- Written By: पूजा सिंह
सौजन्य (सोशल मीडिया)
Jammu and Kashmir Police Action Against Drug Addiction: कश्मीर में आतंकवाद के साथ-साथ अब एक नया और खतरनाक ट्रेंड उभरकर सामने आ रहा है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी, जो लंबे समय से युवाओं को आतंक की राह पर धकेलने में नाकाम हो रही है, अब उन्हें नशे की लत में फंसाने की कोशिश कर रही है। यह साजिश न केवल युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने वाली है, बल्कि समाज की जड़ों को भी कमजोर करने वाली है। लेकिन जम्मू और कश्मीर पुलिस इस साजिश को लगातार नाकाम कर रही है। पुलिस ने नशे के सौदागर के खिलाफ धरपकड़ अभियान चलाकर 3 महीने में 97 ड्रग्स तस्करों को जेल पहुंचाने का काम किया है।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, खुफिया रिपोर्टों में यह मामला सामने आया है कि, पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) युवाओं को आतंक की राह पर धकेलने में नाकाम होने पर नशे के को हथियार बना रहे है। पुलिस ने अभियान चलाकर हेरोइन की सप्लाई को लगभग ठप कर दिया है, लेकिन इसकी जगह मेडिकल ओपिओइड तेजी से जगह ले रहा है।
ओपिओइड गोलियों की मांग में हो रहा इजाफा
एक मीडिया संस्थान से बातचीत में स्थानीय नशा मुक्ति केंद्र के प्रमुख डॉ. मोहम्मद मुजफ्फर खान बताते हैं कि, ‘पिछले कई दिनों से ओपिओइड गोलियों की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है। उनके मुताबिक, ‘नशा करने वालों की तलब जब बढ़ जाती है, तो लोग मेडिकल पेनकिलर का सहारा लेने लगते हैं।’ ये गोलियां न केवल अवैध रूप से सप्लाई की जाती है, बल्कि दिल्ली और अमृतसर जैसे शहरों से भी मांगवाई जाती है।
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गोलियों की जमकर होती है कालाबाजारी
नशा मुक्ति केंद्र के प्रमुख ने आगे बताया कि गोलियां की मांग ज्यादा होने के कारण इसकी कालाबाजारी भी जमकर होती है। उन्हों ने बताया कि एक पट्टी की कीमत 150 रुपये होती है, लेकिन काला बाजार में 800 रुपए में मिलती है। उनका कहना है कि पिछले कई सालों में चरस और भांग जैसे नशे से हेरोइन की लत और अब ओपिओइड पर निर्भरता की तेजी से बढ़ा है।
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अभियान चलाकर पुलिस ने ध्वस्त किया नशे का करोबार
पुलिस ने अभियान चलाकर नशे के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रावाई की। पुलिस ने अब तक 3.57 किलो ब्राउन शुगर, 1.73 किलो हेरोइन, 203.43 किलो चरस, 11.95 किलो फूकी, नशे की गोलियां, भांग और गांजा बरामद किया गया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 6 वाहनों, 9 मकानों और 29 बैंक खातों को जब्त किया है। पुलिस ने पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 21 लोगों को हिरासत में लिया, तीन मादक पदार्थों के ठिकाने ध्वस्त किए हैं।
