एडमिशन नहीं मिला तो छात्र ने हैक कर दी IIT कानपुर की वेबसाइट, लेकिन FIR की जगह मिला इंटर्नशिप का मौका
IIT Kanpur Hacker: एडमिशन न मिलने पर छात्र ने IIT कानपुर की वेबसाइट हैक कर दी। FIR कराने के बजाय संस्थान ने उसकी स्किल्स पर भरोसा जताते हुए टेस्ट के बाद इंटर्नशिप का मौका देने का फैसला लिया।
- Written By: अनन्या तिवारी
सांकेतिक फोटो (सोर्स-AI)
Student Hacked IIT Kanpur Website After Admission Rejection: आमतौर पर किसी प्रतिष्ठित संस्थान या सरकारी वेबसाइट के हैक होने की खबर सामने आती है तो उसके बाद पुलिस जांच, FIR और कानूनी कार्रवाई की चर्चा होती है। लेकिन IIT कानपुर से जुड़ा एक मामला इन सब से बिल्कुल अलग है। यहां एक छात्र ने सिर्फ इसलिए संस्थान की वेबसाइट हैक कर दी क्योंकि उसे B.Tech Cyber Security कोर्स में एडमिशन नहीं मिला था। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि संस्थान ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय उसकी टेकनिकल स्किल को समझने का फैसला लिया और अब उसे इंटर्नशिप का अवसर देने पर विचार किया जा रहा है।
वेबसाइट पर छोड़ा भावुक संदेश
जानकारी के मुताबिक, छात्र ने IIT कानपुर के बी.टेक साइबर सिक्योरिटी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन किया था लेकिन उसका चयन नहीं हो सका। इसके बाद उसने संस्थान की वेबसाइट की सुरक्षा में खामी ढूंढ़कर उसे हैक कर लिया। वेबसाइट पर उसने एक संदेश भी छोड़ा जिसमें लिखा था “Site is Hacked, All I Need is Just a Fair Chance.”
यही नहीं, छात्र ने अपनी इस कार्रवाई के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Reddit पर भी साझा किए। उसका उद्देश्य खुद को साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में सक्षम साबित करना था और यह दिखाना था कि उसे अपनी प्रतिभा दिखाने का एक मौका मिलना चाहिए।
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पहले हैकथॉन में नहीं दिखा पाए थे हुनर
IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल के अनुसार, छात्र ने इससे पहले भी संस्थान की प्रवेश प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। बी.टेक साइबर सिक्योरिटी में दाखिले के लिए आयोजित हैकथॉन के दौरान उम्मीदवारों को अपनी टेकनिकल स्किल दिखाने का अवसर दिया गया था। हालांकि, उस समय यह छात्र चयन के लिए जरूरी प्रदर्शन नहीं कर पाया था।
प्रवेश प्रक्रिया समाप्त होने और आवेदन खारिज होने के बाद उसने वेबसाइट की सुरक्षा में कमजोरी तलाशकर अपनी स्किल्स साबित करने की कोशिश की।
स्किल टेस्ट के बाद मिल सकती है इंटर्नशिप
साइबर अपराध के ऐसे मामलों में सामान्य तौर पर कानूनी कार्रवाई की जाती है और शुरुआत में छात्र के खिलाफ FIR दर्ज कराने का सुझाव भी सामने आया था। लेकिन IIT कानपुर के निदेशक ने अलग सोच अपनाई। उनका मानना था कि एक गलती के कारण किसी प्रतिभाशाली छात्र का भविष्य पूरी तरह खराब नहीं होना चाहिए।
इसी सोच के तहत संस्थान ने तय किया कि पहले छात्र की वास्तविक तकनीकी क्षमता को जांचा जाएगा। यदि वह इस टेस्ट में सफल होता है तो उसे IIT कानपुर के C3iHub में इंटर्नशिप करने का अवसर दिया जा सकता है। हालांकि, संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त हो चुकी है, इसलिए उसे इस वर्ष एडमिशन नहीं मिल सकता। यदि वह पढ़ाई करना चाहता है तो अगले वर्ष दोबारा आवेदन कर सकता है।
युवाओं को दिया सख्त संदेश
भले ही इस मामले में संस्थान ने छात्र को दूसरा मौका देने का फैसला लिया है, लेकिन IIT कानपुर ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी उद्देश्य को हासिल करने के लिए गैर-कानूनी रास्ता अपनाना स्वीकार्य नहीं है। संस्थान का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां गंभीर कानूनी परिणाम ला सकती हैं और छात्रों को हमेशा तय नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
साथ ही, IIT कानपुर ने यह भी कहा कि यदि किसी के पास साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में बेहतरीन कौशल है तो वह सीधे C3iHub के साथ अपना CV साझा कर सकता है। योग्य उम्मीदवारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए वैध और उचित अवसर उपलब्ध हैं।
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पहले भी प्रतिभा को मिला है सम्मान
यह पहला मौका नहीं है जब IIT कानपुर ने किसी साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ की प्रतिभा को पहचानते हुए उसे अवसर देने का फैसला किया हो। इससे पहले भी CBSE पोर्टल की सुरक्षा संबंधी खामियों की जिम्मेदारी से जानकारी देने वाले एक साइबर रिसर्चर को संस्थान ने अपने केंद्र में काम करने का मौका दिया था।
IIT कानपुर का यह फैसला एक ओर जहां साइबर अपराध को गलत ठहराता है, वहीं दूसरी ओर यह संदेश भी देता है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर प्रतिभा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। हालांकि, संस्थान ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी छात्र को अपनी क्षमता साबित करने के लिए कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
