पुणे में बीजेपी विधायक के मामा की हत्या, अपहरण कर घटना को दिया अंजाम

पुणे में दिन-ब-दिन अपराध बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच सोमवार को सुबह घूमने गए व्यक्ति का अपहरण कर उसकी हत्या करने का मामला सामने आया है। घटना से हडपसर के साथ-साथ पुणे में भी सनसनी मच गई है।
पुणे में बीजेपी विधायक के मामा की हत्या, अपहरण कर घटना को दिया अंजाम
सतीश वाघ (सोर्स: सोशल मीडिया)
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पुणे: महाराष्ट्र के पुणे शहर में आए दिन आपराधिक घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच अब एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, विधायक योगेश टिलेकर के मामा सोमवार तड़के टहलने निकले थे। तभी अचानक उनका अपहरण कर लिया गया। जिसके बाद उनकी हत्या किए जाने की खबर सामने आई है। घटना से हडपसर के साथ-साथ पुणे में भी सनसनी मच गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, अपहरण और हत्या किए गए व्यक्ति की पहचान 58 वर्षीय सतीश सतबा वाघ के रूप में हुई है। सतीश वाघ एक किसान के साथ-साथ होटल व्यवसायी के रूप में भी जाने जाते थे। साथ ही वे विधान परिषद विधायक योगेश टिलेकर के मामा भी लगते थे। सतीश के अचानक गायब होने से बेटे ओमकार ने हडपसर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। ओमकार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था।

बताया जा रहा है कि सतीश सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। तभी फुरसुंगी इलाके से एक कार में आए चार-पांच अपहरणकर्ताओं ने उन्हें धमकाया। वाघ को धमकाकर कार में बिठाने के बाद अपहरणकर्ता सासवड रोड पर कार में फरार हो गए। इस दौरान रास्ते से गुजर रहे एक राहगीर ने यह देख लिया था। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस द्वारा इस बात का पता लगाया जा रहा था कि उनका अपहरण क्यों किया गया और क्या उनका किसी से कोई आर्थिक लेन-देन या दुश्मनी थी। पुलिस पूरे जोर के साथ सतीश की तलाश कर रही थी। इस दौरान शाम को यवत पुलिस स्टेशन इलाके में सतीश वाघ का शव मिला। जिससे यह साफ हो गया कि उनका अपहरण कर हत्या की गई है। हालांकि पुलिस को अब भी हत्या के पीछे का कारण पता नहीं चल पाया है।

बताया जा रहा है कि सतीश का मंजिरी-फुरसुंगी रोड पर 'ब्लूबेरी' नाम से होटल है जो कि किराए पर चल रहा है। इसके अलावा सोलापुर रोड के किनारे कुछ दुकानें भी किराए पर दी गई हैं। इसलिए वे सिर्फ अपना पारंपरिक खेती का व्यवसाय संभाल रहे थे। उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। यही वजह है कि सतीश के अपहरण का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।

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