बदायूं में समधन समधी के साथ फरार (सोर्स- सोशल मीडिया)
बदायूं: बदायूं में एक महिला को अपनी बेटी के ससुर से प्यार हो गया। दोनों का प्रेम प्रसंग इतना बढ़ गया कि दोनों ने एक दूसरे के साथ रहने का फैसला कर लिया। एक दूसरे का हाथ थामकर जिंदगी गुजारने की ठान ली। घरवाले उनके प्यार में बाधा न बनें, इसलिए दोनों ससुराल वाले घर से फरार हो गए।
इस मामले में पति ने बताया कि वह बाहर रहता था। पहले शक हुआ और सुधरने का मौका दिया। फिलहाल दोनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। समधी का घर में आना जाना था। मोहल्ले वालों को भी कोई आपत्ति नहीं थी, क्योंकि वह रिश्तेदार था। वह रात को 12 बजे घर आता था और सुबह जल्दी चला जाता था।
दातागंज कोतवाली क्षेत्र निवासी सुनील ने अपनी बेटी की शादी 2022 में बदायूं सदर कोतवाली क्षेत्र निवासी शैलेंद्र के बेटे से की थी। पीड़ित पति ने बताया कि उसकी शादी 2002 में ममता से हुई थी, जिसके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी 2022 में हुई थी। ट्रक चलाने के कारण वह अक्सर बाहर रहता था। पत्नी के कहने पर वह उसे पैसे देता था। इस दौरान समधी शैलेंद्र घर पर आने लगा। उसके उसकी पत्नी ममता से संबंध थे। ममता 11 अप्रैल को शैलेंद्र के साथ भाग गई।
पति ने शुक्रवार रात को इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है। वह लंबे रूट पर ट्रक चलाने का काम करता है। महिला के चार बच्चे हैं। अब महिला और समधी ने साथ-साथ जीवन बिताने का फैसला किया है। यह मामला अलीगढ़ की घटना जैसा ही है, जहां सास अपने दामाद के साथ भाग गई थी।
इस मामले में महिला के बेटे छोटू का कहना है कि मेरे पापा घर पर नहीं रहते थे। मम्मी हर तीसरे दिन समधी को बुलाती थी। वह घर में उनके साथ रहती थी। हमें दूसरे कमरे में भेज दिया जाता था। एक दिन जब दोनों को एक साथ देख लिया तो मुझे पीटा भी गया।
बेटे ने बताया कि मेरी मां अपने समधी शैलेंद्र के साथ गई है। वह कार से यहां आया था। मैंने उसे जाते हुए देखा था। शैलेंद्र तीसरे दिन मेरे घर आता था, रात भी रुकता था। मैंने पापा को नहीं बताया ताकि कोई विवाद न हो। जब मैं उसे देखता था तो मम्मी मुझे पीटती थी। मम्मी बदायूं में हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि वह कहां हैं।
इस मामले में पड़ोसियों का कहना है कि महिला का पति ट्रक चलाता है। वह महीने में एक-दो बार घर आता था। महिला इसका फायदा उठाती थी। वह अपने समधी को अक्सर अपने घर बुलाती थी। रिश्तेदार होने के नाते पड़ोसियों ने कोई आपत्ति नहीं जताई।
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महिला के पति सुनील कुमार का कहना है कि हम दिल्ली से काठमांडू तक गाड़ी (ट्रक) चलाते हैं। मुझे दो साल हो गए हैं। मुझे नहीं पता कि मेरे घर में क्या होता है और क्या नहीं होता। मेरी मैडम जब फोन करती थीं तो मैं पैसे डालता रहता था। मैंने कभी नहीं पूछा कि कितने पैसे खर्च हो रहे हैं, कितने नहीं हो रहे हैं। ट्रक ड्राइवर की आमदनी कम से कम 40 हजार रुपए महीना है।
सुनील ने बताया कि वह पहले भी तीन बार भाग चुकी है। मैंने इससे पहले भी तीन बार हंगामा किया है। मैंने उसे अभी भी घर में रखा यह सोचकर कि वह सुधर जाएगी लेकिन वह नहीं सुधरी। अब एक बार फिर से फरार हो गई है। मैं जानकारी मिलने पर आया हूं कि वे किराए के मकान में रह रहे हैं। मैंने पुलिस से शिकायत की लेकिन वे मुझे तीन दिन से चक्कर लगवा रहे हैं।
एसएचओ गौरव विश्नोई ने बताया कि महिला से संपर्क कर उसे बुलाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि उसका बयान दर्ज किया जा सके। कल एक आवेदन के माध्यम से जानकारी मिली है। इस पूरे मामले में जानकारी ली जा रही है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि ससुराल वाले कहां भाग गए, इस बारे में अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।