झुंड से बिछड़े हाथी का कहर, दो और महिलाओं को उतारा मौत के घाट
कोरबा में अपने झुंड से बिछड़कर अलग हुए जंगली हाथी ने दो और महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया। इससे पहले इस जंगली हाथी ने गुरूवार को भी सुबह एक अन्य महिला की जान ले ली थी और कुछ पशुओं को भी मार डाला।
- Written By: रीना पंवार
(सौजन्य सोशल मीडिया)
कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अपने झुंड से बिछड़कर अलग हुए जंगली हाथी के हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा घटना में इसी जंगली हाथी ने हमला कर यहां एक ही परिवार की दो महिलाओं को मौत के घाट उतार दियाष इससे पहले इस जंगली हाथी ने गुरूवार सुबह एक अन्य महिला की जान ले ली थी।
घटना को लेकर अधिकारियों ने बताया कि जिले के कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत खैरभवना गांव में जंगली हाथी के हमले में दो महिलाओं तीजकुंवर (63) और सूरुजा (43) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कोरबा वनमंडल के करतला वन परिक्षेत्र में तीन दिन पहले आठ हाथियों का दल विचरण कर रहा था। इसमें से एक हाथी अपने झुंड से अलग हो गया।
खैरभवना गांव पहुंचकर हाथी ने मचाया आतंक
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अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार रात वह हाथी रलिया गांव पहुंचा और उसने गुरूवार सुबह को सैर पर निकली गायत्री राठौर (55) को हमला कर कुचल दिया। महिला को बुरी तरह घायल करने के बाद जंगली हाथी वहां से तीन किलोमीटर दूर खोडरी गांव पहुंचा और वहां भी पांच मवेशियों को हमला कर मार डाला। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद वह हाथी रात लगभग 10 बजे खैरभवना गांव पहुंचा। यहां हाथी आने की सूचना पर जान बचाकर भाग रही तीजकुंवर और सूरुजा को हाथी ने हमला कर माल डाला।
कोरबा की सीमा से हाथी को किया बाहर
घटना को लेकर कटघोरा वन मंडल के अधिकारी कुमार निशांत ने बताया कि राहत के तौर पर मृतकों के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि 25-25 हजार रुपए प्रदान किए गए हैं। शेष राशि औपचारिकता पूरी होने के बाद दी जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी के इधर-उधर भागने और खेतों तथा आबादी क्षेत्र में जाने के कारण उसे करंट लगने का खतरा बना रहता है। हाथी को करंट से बचाने के लिए क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी बंद करवा दी गई थी। उन्होंने बताया कि जंगली हाथी को कोरबा जिले की सीमा से निकाला जा चुका है। उस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
