

डोंगरगढ़ के चौथना गांव में दोहरे हत्याकांड से सनसनी।
चाची और चचेरे भाई की हत्या का आरोप।
एक ही परिवार के तीन आरोपी गिरफ्तार।
मृतका की बेटी ममता सोनकर पर भी जानलेवा हमला।
Mother and son murdered in Dongargarh: राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चौथना में जादू-टोने के संदेह और पारिवारिक विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। धारदार हथियार से हमला कर मां और बेटे की हत्या कर दी गई, जबकि उनकी बेटी को भी जान से मारने की कोशिश की गई। गंभीर रूप से घायल युवती को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मामले में एक ही परिवार के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घटना का खुलासा 9 अक्टूबर को हुआ, जब सुखी सोनकर अपने घर पहुंचा। घर के भीतर उसकी पत्नी कमला सोनकर और बेटे खुमेन्द्र सोनकर मृत अवस्था में मिले, जबकि बेटी ममता सोनकर गंभीर रूप से घायल पड़ी थी। घर के भीतर का यह दृश्य देखकर इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और घायल ममता को अस्पताल भिजवाया।
पुलिस की जांच के अनुसार, परिवार में विवाद के साथ कुछ सदस्यों की तबीयत खराब होने को लेकर जादू-टोना किए जाने का संदेह भी था। इसी विवाद के बीच हमला किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी ने अपनी चाची कमला सोनकर और चचेरे भाई खुमेन्द्र सोनकर पर धारदार हथियार से हमला किया। चचेरी बहन ममता सोनकर को भी निशाना बनाया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर डोंगरगढ़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान संदेह के आधार पर हेमंत कुमार सोनकर (36), सोनू सोनकर (34) और केशर सोनकर (55), तीनों निवासी ग्राम चौथना, को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात के बाद कपड़े और हथियार के बेंट को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की थी। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) और 238 भी जोड़ी है। गिरफ्तार आरोपियों को 12 अक्टूबर को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
चौथना गांव की इस घटना ने अंधविश्वास और पारिवारिक विवाद के खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है। जादू-टोने का संदेह किस तरह हिंसा में बदल गया, इसकी जांच पुलिस कर रही है।