

अमित जोगी ने पीएम मोदी और CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर बनाया वीडियो।
रायपुर पुलिस ने मामले में अमित जोगी के खिलाफ दर्ज की है एफआईआर।
वीडियो के वायरल होने के बाद बीजेपी ने दर्ज कराई शिकायत।
जोगी ने वीडियो के जरिए पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल।
Amit Jogi FIR Viral Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनके निवास पर नोटिस चस्पा किया है। इस कार्रवाई के बाद अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
अमित जोगी ने खुद को भगोड़ा बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वे कानून से भाग नहीं रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वे गुजरात पुलिस की सुरक्षा में हैं और 2 से 8 नवंबर तक मित्रों के आमंत्रण पर पहले से निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होने गुजरात आए हैं।
जोगी के मुताबिक उनके कार्यालय ने 30 अक्टूबर को ही छत्तीसगढ़ और गुजरात के पुलिस महानिरीक्षकों सहित संबंधित अधिकारियों को उनके कार्यक्रम की जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने उनके घर पहुंचकर नोटिस चस्पा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनकी मां और पत्नी को अपमानित किया गया। उनका सवाल है कि जब उनसे सीधे संपर्क किया जा सकता था, तो पुलिस ने यह तरीका क्यों अपनाया?
अमित जोगी ने FIR में लगाई गई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यह धारा विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य और सांप्रदायिक घृणा फैलाने से संबंधित है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इससे अच्छा तो उन पर देशद्रोह का आरोप ही लगा देते। जोगी ने आरोप लगाया कि बिना सुनवाई और सबूत के उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
विवादित टिप्पणी को लेकर सफाई देते हुए अमित जोगी ने कहा कि ज्ञानू और जानू का संदर्भ चुनावी व्यवस्था पर उनकी राजनीतिक टिप्पणी थी। उनका तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था में चुनाव कराने से लेकर मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया से जुड़े अहम अधिकार सीमित लोगों के हाथों में केंद्रित हैं। जब तक इस व्यवस्था में बदलाव नहीं होगा तब तक चुनाव में भागीदारी मौजूदा व्यवस्था को वैधता देने जैसा है। अब इस पूरे मामले में सवाल सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं है। पुलिस की कार्रवाई FIR में लगाई गई धाराओं और अमित जोगी के आरोपों पर भी राजनीतिक और कानूनी बहस तेज होने की संभावना है।