

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कांग्रेस का प्रदर्शन।
कथित वीआईपी कनेक्शन को लेकर कांग्रेस उठाए सवाल।
सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी की कर दी गई थी हत्या।
अंकिता को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग।
Chhattisgarh Congress Protest in Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर देशभर में उठ रहे सवालों के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन कर न्याय की मांग उठाई। प्रदर्शन के केंद्र में कथित वीआईपी कनेक्शन, सीबीआई जांच की मांग की। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो जांच पूरी होने तक संबंधित नियुक्ति पर रोक क्यों नहीं लगाई जानी चाहिए?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र के एक रिजॉर्ट में काम करती थी। सितंबर 2022 में उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।
कांग्रेस का कहना है कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है। पार्टी ने सवाल उठाया कि अगर जांच में किसी प्रभावशाली व्यक्ति का नाम या भूमिका सामने आती है, तो उसके संबंध में तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस नेताओं ने महिला सुरक्षा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग भी उठाई।
मामले ने उस समय फिर राजनीतिक तूल पकड़ा जब अंकिता के परिवार ने मांग है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। हालांकि, बीजेपी नेता ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। किसी भी व्यक्ति की भूमिका या दोष का निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने और जांच के कथित वीआईपी पहलू पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। अब सवाल यह है कि सीबीआई जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और अंकिता के परिवार को न्याय की मांग पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
वहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं ने केंद्र की सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि महिलाओं की सम्मान की बात करने वाले अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच हुए बिना ही अपने वीआईपी नेता को मनपसंद पद पर नियुक्ति दे रही है। यह वही पार्टी है जो सत्ता में रहते हुए भी बेटी के साथ हुए अत्याचार को लेकर न्याय नहीं दिला पा रहे हैं। उनके माता पिता और उनके लिए लड़ रहे उत्तराखंड के लोग इस बात से बहुत आक्रोशित और व्यथित है। राहुल गांधी और कांग्रेस उनके लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। उस पीड़ित बच्ची के माता पिता को जिस बेहरमी से इंडिया गेट से उठाया गया। वह शर्मनाक और निंदनीय है।