

CGPSC 2026 Re-evaluation Petition Dismissed : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CGPSC मेंस रिजल्ट की दोबारा जांच मांग खारिज कर दी। जस्टिस बीडी गुरु की कोर्ट ने कहा कि नियमों में री-इवेल्यूशन नहीं है। याचिकाकर्ता मूल्यांकन प्रक्रिया में कोई खास गड़बड़ी साबित नहीं कर पाए। आयोग ने बताया कि केवल 608 अभ्यर्थी ही न्यूनतम अंक हासिल कर सके। सीजीपीएससी ने फिलहाल इंटरव्यू टाल दिए हैं।
हाईकोर्ट ने उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की मांग खारिज कर दी है। जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने इस मामले पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि परीक्षा नियमों में पुनर्मूल्यांकन का कोई प्रावधान नहीं है। याचिकाकर्ता किसी भी तरह की गड़बड़ी को साबित नहीं कर पाए हैं। सिर्फ कम अंक आने के आधार पर दोबारा जांच नहीं होगी।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 265 पदों के लिए विज्ञापन निकाला था। नियमों के अनुसार इंटरव्यू के लिए 1:3 में बुलाना था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि 795 अभ्यर्थियों को बुलाया जाना चाहिए था। लेकिन परिणाम में सिर्फ 608 अभ्यर्थियों का ही चयन हुआ। इस बात को लेकर अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी की आशंका जताई थी।
आयोग ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया। सीजीपीएससी ने न्यूनतम अंक की शर्त की जानकारी दी। सामान्य वर्ग के लिए 33 प्रतिशत अंक पाना अनिवार्य था। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 23 प्रतिशत अंक लाने थे। केवल 608 छात्र ही हर पेपर में यह अंक ला पाए। बाकी अभ्यर्थी न्यूनतम अंक पाने में पूरी तरह असफल रहे।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी इंटरव्यू टल गए हैं। आयोग ने फिलहाल साक्षात्कार को स्थगित कर दिया है। इसके पीछे का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। कांग्रेस ने भी प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। 608 अभ्यर्थियों को अब नई तारीख का इंतजार है।