

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में इस बार वायुसेना का एयर शो होगा।
2 नवंबर को नवा रायपुर में सारंग टीम प्रदर्शन करेगी।
सेंध लेक के ऊपर पांच हेलीकॉप्टर अपने करतब दिखाएंगे।
यह प्रदर्शन स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों की मदद से किया जाएगा।
टीम में महिला पायलट भी शामिल होकर अपनी क्षमता दिखाएंगी।
Chhattisgarh Rajyotsav Sarang Helicopter Display Team Raipur : छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में रोमांचक एयर शो का आयोजन होने जा रहा है। 2 नवंबर को नवा रायपुर का आसमान वायुसेना के शौर्य से गूंजेगा। सेंध लेक के पास यह खास प्रदर्शन आयोजित होगा। दर्शकों को जमीन पर राज्य की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी। वहीं आसमान में हेलीकॉप्टरों का रोमांचक करतब दिखेगा।
इस एयर शो में वायुसेना की मशहूर सारंग टीम हिस्सा लेगी। टीम के पांच हेलीकॉप्टर एक साथ उड़ान भरकर प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन में पूरी तरह स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल होगा। इन हेलीकॉप्टरों को हम ध्रुव के नाम से भी जानते हैं। यह भारतीय विमानन तकनीक का बेहतरीन नमूना माना जाता है।
सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का गठन साल 2003 में हुआ था। इसके बाद टीम ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नाम कमाया। फरवरी 2004 में टीम ने सिंगापुर में पहला शो किया था। यह एशियन एयरोस्पेस एयर शो का एक बड़ा मंच था। तब से यह टीम दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुकी है। देश और विदेश के कई शो में टीम शामिल हुई है।
रायपुर में होने वाले इस शो की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। गुरुवार को एयर कमोडोर नंदा कुमार बाला ने राज्यपाल से मुलाकात की। वह हेडक्वार्टर एंटी नक्सल टास्क फोर्स के एयर ऑफिसर कमांडिंग हैं। उन्होंने लोक भवन में राज्यपाल रमेन डेका से भेंट की। इस दौरान वायुसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में कैप्टन वैभव विशाल और ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार शामिल थे। इसके अलावा कमांडर प्रियांशु और स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह भी मौजूद थीं। स्क्वाड्रन लीडर विनय पाठक भी इस चर्चा का हिस्सा बने। उनके साथ लेफ्टिनेंट शशांक और लेफ्टिनेंट साई अक्षय भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने शो की सुरक्षा और व्यवस्था पर चर्चा की।
यह प्रदर्शन वायुसेना की उड़ान क्षमता को उजागर करेगा। इसमें पायलटों के बीच गजब का तालमेल देखने को मिलता है। हवा में बेहद करीब रहकर उड़ान भरना बेहद कठिन होता है। निर्धारित फॉर्मेशन बनाना और एक साथ मुड़ना चुनौती भरा काम है। इसमें जरा सी भी चूक की गुंजाइश नहीं रहती है।
अधिकारियों के अनुसार इसके लिए सख्त अनुशासन जरूरी होता है। लंबे समय तक कड़ा अभ्यास किया जाता है। हर पायलट को अपने साथ दूसरे विमान पर भी नजर रखनी होती है। गति और दूरी का सही अनुमान ही सफलता की कुंजी है। यही सटीकता सारंग टीम की असली पहचान बनी हुई है।
सारंग टीम का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार कर रहे हैं। इस टीम में महिला पायलट भी अहम भूमिका निभा रही हैं। टीम में स्क्वाड्रन लीडर अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर अक्षया शामिल हैं। उनकी मौजूदगी भारतीय वायुसेना की प्रगतिशील सोच को दर्शाती है। महिलाएं भी अब कठिन विमानन अभियानों में आगे आ रही हैं।
यह एयर शो केवल करतब तक सीमित नहीं रहेगा। यह भारत की स्वदेशी तकनीकी ताकत को भी प्रदर्शित करेगा। ध्रुव हेलीकॉप्टर भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। सेंध लेक के आसमान में यह उड़ान लोगों के लिए यादगार बनेगी।