छत्तीसगढ़ में आखिरी सांसे गिन रहा नक्सलवाद, बजट सत्र में बाेले राज्यपाल रमेन डेका
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को शुरू हुआ। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि सुरक्षा बल के जवानों द्वारा तेजी से की गयी कार्रवाई की वजह से आज नक्सलवाद बस्तर में आखिरी सांसे ले रहा है।
- Written By: आकाश मसने
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका (सोर्स: सोशल मीडिया)
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन सदन में राज्यपाल रमेन डेका का अभिभाषण हुआ। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि सुरक्षा बल के जवानों द्वारा तेजी से की गयी कार्रवाई की वजह से आज नक्सलवाद बस्तर में आखिरी सांसे ले रहा है। तो वहीं राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्यपाल से असत्य कथन करवाया है।
सदन में अपने अभिषाण में राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि ”मेरी सरकार ने प्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में प्रभावी कार्य किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश को 31 मार्च 2026 तक नक्सल हिंसा से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई गई है। इसके अनुरूप लगातार कार्रवाई की जा रही है। नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में अब अंतिम सांसें ले रहा है।”
राज्पाल डेका ने कहा कि ”मेरी सरकार की कुशल रणनीति, जवानों के हौसले और आम जनता के संकल्प के बूते एरिया डॉमिनेशन की सतत कार्रवाई की जा रही है। 14 महीने की अवधि में तीन सौ से अधिक नक्सली मार गिराए गये। 972 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और 1183 नक्सली गिरफ्तार किये गये हैं।
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उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों तथा नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए पुनर्वास नीति के तहत 15 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये गये हैं।
नक्सल हिंसा प्रभावित 26 गांवों में पहली बार ध्वजारोहण
डेका ने कहा कि नक्सल हिंसा प्रभावित 26 गांवों में पहली बार ध्वजारोहण तथा यहां त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन में सुकमा जिले के पेंटाचिमली, केरलापेंदा, दुलेड, सुन्नम गुडा और पुवर्ती जैसे गांवों में पहली बार मतदान हुआ।
सुकमा जिले के चिंतागुफा स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार की इतनी बढ़िया सुविधा मिल रही है कि इसे केन्द्र सरकार से राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र मिला है, वहीं 19 साल बाद दन्तेवाड़ा जिले के पोटाली गांव में पुनः स्वास्थ्य केन्द्र आरंभ किया गया है।
पीएम जनमन योजना का मिला लाभ
उन्होंने कहा, ‘‘पीएम जनमन योजना के तहत राज्य के 18 जिलों के 2121 ग्रामों की दो हजार 160 बसाहटों में 59 हजार 758 विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के परिवारों को लाभान्वित किया गया है। इस योजना के तहत देश में 4781 किलोमीटर लंबाई की सड़कें स्वीकृत की गई हैं जिनमें दो हजार 449 किलोमीटर की सड़कें अकेले छत्तीसगढ़ में ही हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत राज्य के 32 जिलों के 6 हजार 691 अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को लाभान्वित किया जा रहा है।”
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राज्यपाल ने कहा कि ”छत्तीसगढ़ शक्तिपूजा का केंद्र है। मेरी सरकार माताओं-बहनों के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए महीने की पहली तारीख को ‘महतारी वंदन योजना’ की एक हजार रुपए की राशि 69 लाख 54 हजार माताओं-बहनों के खाते में दी जाती है।”
