

घायल आदिवासी युवक के लिए मांगी 25 लाख रुपए की सहायता।
कांकेर जिला कांग्रेस कमेटी राजीव भवन में दीपक बैज ने मीडिया से की चर्चा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर आगमन पर गरमाई सियासत।
मुरिया दरबार को लेकर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल।
Chhattisgarh Congress Leader Deepak Baij: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर आगमन के बीच बस्तर दशहरा की छह सौ साल से अधिक पुरानी परंपराओं और आदिवासी युवाओं के साथ हुए हादसे को लेकर सियासत गरमा गई है। शुक्रवार को कांकेर जिला कांग्रेस कमेटी राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि बस्तर की ऐतिहासिक परंपराओं से छेड़छाड़ की जा रही है। उन्होंने रथ हादसे में मृत आदिवासी युवक के परिजनों को 50 लाख रुपये और घायल युवक को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
दीपक बैज ने कहा कि बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक परंपरा है। मुरिया दरबार में आम जनता की समस्याएं सुनी जाती हैं। माजी-मुखिया, पुजारी, गांवों के प्रमुख और जनप्रतिनिधि बस्तर की समस्याओं तथा आगामी वर्ष की विकास योजनाओं को लेकर अपने सुझाव देते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के आगमन का स्वागत है, लेकिन जोगियों और रथ निर्माण करने वाले कारीगरों के साथ कथित तौर पर हुए व्यवहार पर भी सवाल उठना जरूरी है। बैज के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों तक साधना करने वाले जोगियों को दशहरा संपन्न होने के बाद पारंपरिक रस्म के साथ विदाई दी जाती है, लेकिन इस बार उन्हें वहां से हटाए जाने का आरोप है। रथ बनाने वाले कारीगरों को भी हटाए जाने की बात उन्होंने कही।
दीपक बैज ने कहा कि रथ के पहिए से दबकर एक आदिवासी युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरे युवक का पैर टूट गया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद कल शाम तक शासन-प्रशासन का कोई प्रतिनिधि अस्पताल में पीड़ितों का हाल जानने नहीं पहुंचा। बैज ने बताया कि वे स्वयं अस्पताल जाकर पीड़ित परिवारों से मिले। परिवार इस घटना से बेहद दुखी और चिंतित हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से मांग की कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये और घायल युवक को कम से कम 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार तत्काल पीड़ित परिवारों से बातचीत कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए और हादसे की जिम्मेदारी तय करे।
बैज ने कहा कि बस्तर की ऐतिहासिक परंपराओं का संरक्षण और आदिवासी समाज की भावनाओं का सम्मान जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि परंपराओं में हस्तक्षेप के कारण इस वर्ष दशहरा का उत्साह भी प्रभावित हुआ है। कांग्रेस ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और परंपराओं के सम्मान को सुनिश्चित करने की मांग की।