

जगदलपुर के लालबाग मैदान में विशाल रंगोली बनाई गई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बस्तर आगमन पर यह कलाकृति तैयार हुई।
रंगोली में 15 से अधिक वनोपज व अनाज का इस्तेमाल किया गया है।
यह खूबसूरत रंगोली 20,700 वर्ग फीट क्षेत्रफल में फैली हुई है।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसे प्रमाणित किया है।
Jagdalpur Lalbagh Ground Giant Rangoli : जगदलपुर का लालबाग मैदान शुक्रवार की सुबह एक बेहद खास नजारे का गवाह बना। यहाँ मैदान का एक बड़ा हिस्सा खूबसूरत कैनवास में बदल चुका था। इस मैदान में वनोपज और विभिन्न प्रकार के अनाजों को रंगों की तरह इस्तेमाल किया गया। यह शानदार कलाकृति बस्तर दशहरा के अवसर पर तैयार की गई थी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बस्तर आगमन हुआ था। उनके स्वागत और सम्मान में यह अनूठी तैयारी की गई थी। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग ने इस पर काम किया। कलाकारों ने अपनी मेहनत से इस मैदान को एक ऐतिहासिक स्थल बना दिया।
इस विशाल रंगोली को बनाने में पंद्रह से अधिक प्रकार के वनोपज और अनाजों का उपयोग किया गया। प्राकृतिक चीजों से तैयार यह कलाकृति देखने में बेहद आकर्षक लग रही थी। इसका कुल क्षेत्रफल 20,700 वर्ग फीट था। इतनी बड़ी और प्राकृतिक वस्तुओं से बनी रंगोली ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस कलाकृति का विशेष रूप से अवलोकन किया। उनके साथ राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहे। अन्य कई गणमान्य अतिथियों ने भी इस अद्भुत रंगोली को बहुत करीब से देखा। सभी ने इस रचनात्मक प्रयास की जमकर सराहना की।
इस रंगोली की विशिष्टता और भव्यता को पूरी दुनिया ने देखा। वनोपज से इतने बड़े पैमाने पर रंगोली बनाने का यह अनूठा प्रयास था। इसे देखते हुए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने आगे कदम बढ़ाया। इस अद्भुत और विशाल रंगोली को आधिकारिक रूप से प्रमाणित कर दिया गया।
यह उपलब्धि बस्तर के लिए बहुत गर्व की बात है। स्थानीय कला और प्राकृतिक संसाधनों का ऐसा सुंदर मेल पहले शायद ही देखा गया हो। इस रिकॉर्ड से जगदलपुर का नाम अब वैश्विक पटल पर और अधिक चमक उठा है। प्रशासन और कलाकारों की मेहनत रंग लाई है।