कांकेर में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबा 15 साल का मासूम, 7 घंटे बाद मिला शव

Kanker News: छत्तीसगढ़ के कांकेर में तालाब में डूबने से 15 वर्षीय संतकुमार की मौत हो गई। 7 घंटे चले रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने शव निकाला। वह दो बहनों का इकलौता भाई था।
Friends sat on the steps while the innocent 15-year-old drowned before their eyes
15 वर्षीय मृतक संतकुमारसोर्स- सोशल मीडिया
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Kanker Pond Accident News : छत्तीसगढ़ के कांकेर स्थित ठेमा गांव में दर्दनाक हादसा हुआ। 15 साल का संतकुमार दोस्तों के साथ तालाब में नहाने गया था। तैरते समय वह तालाब के गहरे पानी में चला गया। प्रशासन और रेस्क्यू टीम ने 7 घंटे तक तलाश की। अंततः ग्रामीणों ने गोता लगाकर शव बाहर निकाला।

तालाब में नहाने गया था किशोर

कांकेर जिले के ठेमा गांव में सोमवार सुबह दुखद हादसा हुआ। 15 साल का संतकुमार यादव सुबह करीब 9:30 बजे घर से निकला था। वह अपने दोस्तों के साथ गांव के तालाब में नहाने गया था। उसके साथ ईशान यादव पानी में उतरा था। दो अन्य दोस्त खिलेश वट्टी और खगेश्वर वट्टी सीढ़ियों पर बैठे थे।

नहाते-नहाते संतकुमार तैरकर तालाब के बीच में चला गया। गहरे पानी में जाने के कारण वह अचानक डूबने लगा। दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन वे असफल रहे। हादसे की खबर तुरंत गांव में फैल गई। परिजन और ग्रामीण बदहवास होकर तालाब की ओर भागे।

7 घंटे तक चला रेस्क्यू

घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तालाब में मोटरबोट उतारी गई। जवान बांस की मदद से पानी में तलाश करते रहे।

तालाब बहुत गहरा था इस वजह से टीम को काफी दिक्कत आई। करीब 7 घंटे तक लगातार तलाश जारी रही। लेकिन रेस्क्यू टीम को सफलता नहीं मिली। प्रशासनिक टीम काफी देर तक मशक्कत करती रही। समय बीतने के साथ परिजनों की उम्मीद टूटने लगी। ग्रामीण भी राहत कार्य में जुट गए।

ग्रामीणों ने निकाला शव

लंबी तलाश के बाद भी सफलता नहीं मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद पानी में उतरने का फैसला किया। स्थानीय ग्रामीणों ने तालाब में गोता लगाया। कड़ी मशक्कत के बाद संतकुमार का शव बाहर निकाला गया।

शव बाहर आते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। गांव का माहौल गमगीन हो गया। जिस बेटे का इंतजार घर पर हो रहा था, उसका शव पहुंचा। मासूम का शव देखकर हर कोई रो पड़ा। पूरे गांव में मातम फैल गया।

दो बहनों का इकलौता भाई

संतकुमार दो बहनों का इकलौता भाई था। परिवार को उससे बहुत उम्मीदें थीं। महज 15 साल की उम्र में वह दुनिया छोड़ गया। इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता सदमे में हैं। गांव के लोग परिवार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना ने पूरे ठेमा गांव को झकझोर दिया है।

रेस्क्यू व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन की तैयारी की पोल खोल दी है। सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन ने सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों ने रेस्क्यू टीम की सुस्ती पर नाराजगी जताई। स्थानीय होमगार्ड के पास आधुनिक उपकरणों की कमी दिखी।

टीम के पास विशेषज्ञ गोताखोर भी मौजूद नहीं थे। गहरे जलस्रोतों में बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। समय पर विशेषज्ञ मिलते तो शायद स्थिति अलग होती। ग्रामीणों ने प्रशासन से बेहतर उपकरण तैनात करने की मांग की है।

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