26 नक्सलियों के ढेर होने के बाद अब 22 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, बीजापुर में हाथ लगी बड़ी सफलता
Naxalites Surrender: बीजापुर में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिसमें 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, इन आत्मसमर्पित नक्सलियों में कई बड़े नाम शामिल हैं।
- Written By: सौरभ शर्मा
बीजापुर माओवादिओं ने किया सरेंडर (फोटो सोर्स - सोशल मीडिया)
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 26 नक्सलियों को ढेर किया, जिसमें 14 महिला नक्सली भी शामिल थीं। इसी कार्रवाई के बाद रविवार, 23 मार्च को 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें AOB डिवीजन सदस्य और तेलंगाना स्टेट कमेटी के सदस्य भी शामिल हैं। सबसे खास बात यह रही कि इनमें से छह नक्सलियों पर 11 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था। सभी ने सीआरपीएफ के डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी और एएसपी डॉक्टर यूलेण्डन यॉर्क के समक्ष हथियार डाले।
बीजापुर में अब तक कुल 107 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इससे यह साफ है कि लगातार हो रहे सुरक्षाबलों के अभियानों और सरकार की पुनर्वास नीति का असर नक्सलियों पर पड़ रहा है। आत्मसमर्पण करने वालों में प्लाटून सदस्य और कई शीर्ष स्तर के नक्सली शामिल हैं, जो लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय थे।
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सुरक्षाबलों की बड़ी उपलब्धि
बीजापुर जिले के गंगालूर इलाके में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 26 नक्सलियों को मार गिराया था। मारे गए नक्सलियों पर कुल 87 लाख रुपये का इनाम था। उनके पास से एके-47, एसएलआर, इंसास और थ्री-नॉट-थ्री जैसी घातक बंदूकें बरामद की गईं। इसके अलावा देशी रॉकेट लॉन्चर, बीजीएल लॉन्चर, विस्फोटक सामग्री, वर्दी, दवाइयां और नक्सली साहित्य भी बड़ी मात्रा में मिला।
बढ़ता आत्मसमर्पण का सिलसिला
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से कई ऐसे हैं जो सालों से पुलिस और सुरक्षाबलों को चुनौती देते आए थे। अब उनका आत्मसमर्पण यह दिखाता है कि नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां उम्मीद कर रही हैं कि आने वाले दिनों में और भी आत्मसमर्पण की घटनाएं देखने को मिलेंगी। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में पिछले दिनो पुलिस कार्रवाई में 26 नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया था, इसके बाद से इस खबर का आना कि 22 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया यह एक बहुत ही खुश कर देने वाली खबर है कि छत्तीसगढ़ के लोगों में जागरुकता आ रही है और वे अनैतिक गतिविधियों को छोड़कर सही मार्ग अपनाने के प्रति अग्रसित हो रहे है।
