छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी: आठ नक्सलियों ने किया सरेंडर, दो नक्सली गिरफ्तार

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में मंगडू मड़काम और देवा राम कुंजाम प्रतिबंधित माओवादी संगठन की चेतना नाट्य मंडली (सीएनएम) के सदस्य के रूप में सक्रिय थे तथा दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था।
छत्तीसगढ़: आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, दो नक्सली गिरफ्तार
छत्तीसगढ़: आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, दो नक्सली गिरफ्तार
Published on
Updated on

दंतेवाड़ा/सुकमा: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में शनिवार को आठ नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया जबकि दो नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि जिले में आठ नक्सलियों ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया, जिनमें से दो नक्सलियों पर इनाम है।

अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों ने जिले में जारी विकास कार्य से प्रभावित होकर और संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद से परेशान होकर आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि नक्सली राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लनार' (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित हैं, जिसका उद्देश्य सुरक्षा शिविरों के आसपास के गांवों में विकास कार्यों को सुगम बनाना है।

50-50 हजार रुपये का था इनाम 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में मंगडू मड़काम और देवा राम कुंजाम प्रतिबंधित माओवादी संगठन की चेतना नाट्य मंडली (सीएनएम) के सदस्य के रूप में सक्रिय थे तथा दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी आठ नक्सली सड़कें खोदने, सरकार विरोधी बैनर/पोस्टर लगाने और माओवादी हिंसा की अन्य घटनाओं में शामिल थे। राय ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी गई है और सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही जून 2020 में शुरू किए गए पुलिस के ‘लोन वर्राटू' (अपने घर/गांव लौटो) अभियान के तहत जिले में 961 नक्सली मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं, जिनमें 226 पर नकद इनाम घोषित है।

दो नक्सली गिरफ्तार

एक अन्य घटना में सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के तहत सुरपनगुड़ा गांव के जंगल में सुरक्षाबलों ने कुहराम हड़मा और बारसे हिड़मा नामक दो नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया। सुकमा जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हड़मा प्रतिबंधित नक्सल संगठन के सुरपनगुड़ा रिवोल्यूशनरी पीपुल्स कमेटी (आरपीसी) के तहत मिलिशिया कमांडर था, जबकि हिड़मा इसका सदस्य था।

हड़मा के सर पर दो लाख रुपये का इनाम है। उन्होंने बताया कि दोनों 2024 में जगरगुंडा में साप्ताहिक बाजार में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान दो जवानों पर हमला करने और उनके हथियार लूटने में शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों नक्सलियों को अदालत ने जेल भेज दिया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com