

बिलासपुर में रावण दहन कार्यक्रम में हो गया विवाद।
प्रदर्शनकारी रावण का पुतला लेकर मैदान पहुंचे।
रावण दहन कार्यक्रम में भ्रष्टाचार का आरोप।
साइंस कॉलेज मैदान के मुख्य गेट पर फूंका रावण का पुतला।
Controversy Dussehra festival in Bilaspur: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दशहरा उत्सव के बीच रावण दहन को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया। अरपाँचल लोक मंच के सदस्यों ने साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम का विरोध करते हुए मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी रावण का पुतला लेकर मैदान पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट पर ही रावण के पुतले का दहन कर जमकर नारेबाजी की।
अरपाँचल लोक मंच ने रावण दहन कार्यक्रम पर 24 लाख रुपये खर्च किए जाने का दावा करते हुए इसे लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय विधायक और नगर निगम पर मिलीभगत के आरोप लगाए। उनका आरोप है कि पारंपरिक त्योहारों के आयोजन में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ रहा है और इसके नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
मंच के सदस्यों का कहना है कि पारंपरिक त्योहारों का आयोजन स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से होना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकारी तंत्र के हस्तक्षेप से धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की मूल भावना प्रभावित हो रही है। इन्हीं मुद्दों को लेकर मंच ने विधायक और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
प्रदर्शन को देखते हुए साइंस कॉलेज मैदान के मुख्य गेट पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मैदान के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया, जिसके बाद गेट पर ही पुतला दहन किया गया। दशहरे के दिन हुए इस घटनाक्रम ने बिलासपुर में रावण दहन आयोजन को लेकर चल रहे विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है।