
कथावाचक के बोल पर छत्तीसगढ़ में बवाल
Bilaspur Satnami Samaj Angry on Kathavachak: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक भागवत कथा के दौरान माहौल तब गरमा गया, जब कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज ने सतनामी समाज पर एक विवादित बयान दे दिया। उन्होंने समाज के लोगों को ‘मूर्ख’ कहते हुए उन्हें गाय काटने से जोड़ दिया। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सतनामी समाज का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों लोगों ने थाने का घेराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस को कथावाचक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ी।
यह पूरा मामला तखतपुर के टिकरी पारा का है, जहां आशुतोष चैतन्य श्रीमद् भागवत कथा कह रहे थे। वायरल वीडियो में वह कहते सुनाई दे रहे हैं, “छत्तीसगढ़ के तखतपुर में कितनी गायें कट रही हैं? जो पहले सनातनी थे, वो आज सतनामी हो गए। उन मूर्खों को यह समझ नहीं आता कि सतनामी का मतलब क्या है। सत नाम केवल राम का है, और वे सतनामी होकर गायों को काट रहे हैं।” यह वीडियो यूट्यूब पर भी अपलोड कर दिया गया था।
कथावाचक का यह बयान जैसे ही वायरल हुआ, सतनामी समाज में आक्रोश फैल गया। बुधवार को समाज के सैकड़ों लोग रैली निकालते हुए तखतपुर थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर दिया। इस दौरान कथावाचक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आशुतोष चैतन्य की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। समाज के लोगों का कहना था कि व्यासपीठ से की गई ऐसी टिप्पणी न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है, बल्कि यह समाज को आपस में बांटने का एक प्रयास भी है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि कथावाचक की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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बढ़ते विवाद और थाने के घेराव के बाद तखतपुर पुलिस ने कथावाचक आशुतोष चैतन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। वहीं, मामले को तूल पकड़ता देख कथावाचक ने एक वीडियो जारी कर अपने बयान पर खेद जताया और सतनामी समाज से माफी मांगी। आशुतोष चैतन्य मूल रूप से मध्यप्रदेश के जबलपुर के रहने वाले हैं और उनका डिंडोरी में आश्रम है। तखतपुर पुलिस के मुताबिक, एफआईआर और कार्रवाई के आश्वासन के बाद समाज के लोग शांत हुए। हालांकि, एहतियात के तौर पर कथा स्थल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।






