राम अवतार हत्याकांड में 23 साल बाद आया नया मोड़....क्या जेल जाएंगे अमित जोगी? High Court ने सुनाया बड़ा फैसला

Chattisgarh News: राम अवतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया है, साथ ही तीन हफ्ते में सरेंडर का आदेश भी दिया है।
Chattisgarh News, High Court Verdict On Amit Jogi
अमित जोगी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

High Court Verdict On Amit Jogi: छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ा 2003 का चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में अमित जोगी को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए तीन सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। यह मामला उस समय का है जब अजीत जोगी राज्य के मुख्यमंत्री थे और रायपुर में व्यवसायी-राजनेता राम अवतार जग्गी की हत्या कर दी गई थी।

2003 से 2026 तक का कानूनी सफर

इस मामले में साल 2007 में सीबीआई की विशेष अदालत ने 28 आरोपियों को दोषी ठहराया था लेकिन अमित जोगी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था। इसके बाद सीबीआई ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिसे देरी के आधार पर खारिज कर दिया गया। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां से देरी माफ करते हुए इसे फिर हाई कोर्ट भेजा गया। इसके बाद हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को दोषी ठहराया और उन्हें तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।

फैसले पर अमित जोगी की आपत्ति

फैसले के बाद अमित जोगी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया। उनके मुताबिक, जिस व्यक्ति को ट्रायल कोर्ट पहले ही बरी कर चुका था, उसे बिना सुनवाई दोषी ठहराना ‘प्राकृतिक न्याय’ के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि निचली अदालत में उन्हें पूरी तरह सुना गया था लेकिन हाई कोर्ट में उन्हें बोलने का मौका तक नहीं मिला।

सुनवाई की प्रक्रिया पर उठे सवाल

अमित जोगी ने दावा किया कि हाई कोर्ट में सुनवाई केवल चार दिनों में पूरी कर ली गई जबकि सीबीआई की अपील करीब 12 हजार पन्नों की थी। उनका कहना है कि इतने कम समय में मामले का अध्ययन और प्रभावी बहस संभव नहीं था। अतिरिक्त समय मांगने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि मात्र 40 मिनट में अपील स्वीकार कर उन्हें दोषी ठहरा दिया गया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com