सांकेतिक तस्वीर
Study in National College Ireland: विदेश में पढ़ाई करने की प्लान बना रहे भारतीय छात्रों के लिए एक खुशखबरी है। नेशनल कॉलेज ऑफ आयरलैंड (NCI) ने घोषणा की है कि वह भारतीय छात्रों को 75 लाख रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान करेगा। यह स्कॉलरशिप उन छात्रों को मिलेगी, जो कॉलेज में पोस्टग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेंगे। यह ऐलान तब हुआ है, जब नेशनल कॉलेज ऑफ आयरलैंड को 75 साल पूरे हो गए हैं। इस कॉलेज की स्थापना 1951 में डबलिन आयरलैंड में हुई थी।
यह स्कॉलरशिप 28 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान घोषित की गई, जिसका मकसद भारत और आयरलैंड के बीच शैक्षिक सहयोग को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में भारत में आयरलैंड के राजदूत केविन केली, उच्च शिक्षा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और संस्थागत साझेदारों ने हिस्सा लिया। बैठक में अकादमिक मोबिलिटी, कौशल विकास, और भारतीय छात्रों को रोजगार के अवसरों से जोड़ने वाले पोस्टग्रेजुएट कोर्सों की बढ़ती मांग पर चर्चा की गई।
नेशनल कॉलेज ऑफ आयरलैंड के मुताबिक, स्कॉलरशिप की कुल वैल्यू 75 लाख रुपये है। यह राशि छात्रों को नकद के रूप में नहीं दी जाएगी, बल्कि इसे उनकी ट्यूशन फीस में समायोजित कर दिया जाएगा। यह एक मेरिट-आधारित स्कॉलरशिप है, जो केवल उन छात्रों को मिलेगी जिन्होंने अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
स्कॉलरशिप प्राप्त करने के लिए छात्रों को पहले नेशनल कॉलेज ऑफ आयरलैंड में एडमिशन लेना होगा। यह स्कॉलरशिप केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगी जो बिजनेस, कंप्यूटिंग, या साइकोलॉजी जैसे कोर्सेज में दाखिला लेंगे। NCI की अध्यक्ष, प्रोफेसर जीना क्विन ने कहा कि यह पहल संस्थान की छात्रों तक अपनी पहुंच बढ़ाने और उन्हें स्थिर करियर बनाने में मदद करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।
1951 में स्थापित, NCI आयरलैंड सरकार द्वारा वित्त पोषित एक सरकारी कॉलेज है, जिसे आयरलैंड की हायर एजुकेशन अथॉरिटी द्वारा समर्थन प्राप्त है। वर्तमान में यहां 6000 से अधिक छात्र विभिन्न डिग्री कार्यक्रमों में अध्ययन कर रहे हैं, जिनमें बिजनेस, कंप्यूटिंग, साइकोलॉजी, और शिक्षा से जुड़े कई कोर्स शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: UPSSSC ने जारी किया लेखपाल परीक्षा 2026 का रिजल्ट, कटऑफ लिस्ट भी किया रिलीज, जानें अब होगा मेन्स एग्जाम
भारत से हर साल लगभग 7 लाख छात्र विदेश में पढ़ाई के लिए जाते हैं। प्रमुख देशों में अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, और जर्मनी शामिल हैं। छात्रों को बेहतर शिक्षा, शोध के अवसर, और करियर संभावनाओं की तलाश होती है। स्कॉलरशिप्स और वित्तीय सहायता भी आकर्षक कारण होते हैं।