

Tech Industry Microsoft Layoffs 2026: टेक जगत में छंटनी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेटा और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों द्वारा हजारों नौकरियों में कटौती के बाद अब सॉफ्टवेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपने कर्मचारियों पर 'कैंची' चला दी है।
कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह अपने कुल वर्कफोर्स के लगभग 2.1 प्रतिशत यानी 4,800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कंपनी का नया वित्तीय वर्ष शुरू हो रहा है और माइक्रोसॉफ्ट अक्सर जून-जुलाई के दौरान अपने बजट और रणनीति के हिसाब से Restructuring करती है।
इस बड़े ले-ऑफ के पीछे का सबसे प्रमुख कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ता निवेश बताया जा रहा है। आज के समय में बड़ी टेक कंपनियों के बीच एआई को अपनाने की होड़ मची हुई है और रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल इस क्षेत्र में कुल निवेश $700 बिलियन डॉलर के पार जा सकता है।
माइक्रोसॉफ्ट अपने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए नए डेटा सेंटर्स बनाने पर भारी खर्च कर रही है, जिसका सीधा असर कंपनी के कैश फ्लो पर पड़ा है। हालांकि कंपनी के क्लाउड बिजनेस Azure की मांग बढ़ी है, लेकिन बुनियादी ढांचे पर होने वाले भारी खर्च ने मुनाफे पर दबाव बना दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट की इस छंटनी का सबसे ज्यादा असर सेल्स, कंसल्टिंग और एक्सबॉक्स गेमिंग डिवीजन पर पड़ने वाला है। माइक्रोसॉफ्ट की गेमिंग कारोबार हेड आशा शर्मा ने स्पष्ट किया कि इस बिजनेस में बड़े बदलावों की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि कंपनी का मुनाफा घटकर महज 3 प्रतिशत रह गया है, जबकि पिछले पांच सालों में कंपनी ने गेम कंटेंट, प्लेटफॉर्म और हार्डवेयर पर 20 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। भारी निवेश के बावजूद कंपनी की सालाना कमाई में करीब 50 करोड़ डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लागत कम करना मजबूरी बन गया है।
माइक्रोसॉफ्ट के लिए साल 2026 की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण रही है। साल के पहले छह महीनों में कंपनी के शेयरों में 23 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई, जो कि 2022 के बाद का सबसे खराब प्रदर्शन है। इस दबाव को कम करने के लिए कंपनी ने साल की शुरुआत में ही अपने 9,000 अमेरिकी कर्मचारियों को Voluntary Buyout का प्रस्ताव दिया था।
अब 4800 और कर्मचारियों की विदाई यह दर्शाती है कि टेक इंडस्ट्री इस समय भारी बदलाव और आर्थिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, जहां इंसानी वर्कफोर्स की जगह एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी जा रही है।