

Jharkhand Public Service Commission (JPSC) Exam Postponed : झारखंड में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने राज्य में होने वाली 14वीं सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (Mains) समेत कुल 9 परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। यह फैसला उस समय आया है जब राज्य भर में प्रारंभिक परीक्षा (PT) में धांधली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
आधिकारिक तौर पर आयोग ने परीक्षाओं को स्थगित करने के पीछे 'अपरिहार्य कारणों' का हवाला दिया है। JPSC मेन्स परीक्षा का आयोजन 25 से 27 जुलाई 2026 तक रांची के विभिन्न केंद्रों पर होना था। लेकिन असल वजह प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट के बाद से शुरू हुआ विवाद माना जा रहा है। अभ्यर्थियों ने OMR शीट में गड़बड़ी, कटऑफ सार्वजनिक न करने और उत्तर प्रदेश की एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा का टेंडर देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस पूरे विवाद के बीच झारखंड में प्रशासनिक हलचल भी तेज हो गई है। दबाव बढ़ता देख JPSC के चेयरमैन एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही CID ने बुधवार देर शाम एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में TDPL के निदेशक रामवीर सिंह और मार्केटिंग मैनेजर अभय उर्फ मनोज तिवारी शामिल हैं। इन सभी से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
JNCU और जेपीएससी मुख्यालय के बाहर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने रांची में जोरदार प्रदर्शन किया और जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की CBI जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को दांव पर लगा दिया है।
यह मामला अब झारखंड हाईकोर्ट की चौखट पर भी पहुंच गया है। राजेश प्रसाद नामक अभ्यर्थी ने प्रारंभिक परीक्षा (PT) को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चयन प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती गई है, जिसमें UP और हरियाणा के 418 अभ्यर्थियों के चयन पर भी सवाल उठाए गए हैं। हाईकोर्ट इस मामले पर विस्तृत सुनवाई कर रहा है।
जेपीएससी ने केवल सिविल सेवा मेन्स ही नहीं, बल्कि 25 जुलाई से 29 सितंबर के बीच होने वाली सभी 9 परीक्षाओं को पोस्टपोन कर दिया है। इनमें प्रमुख हैं:
1. संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा-2025 (नियमित और बैकलॉग)
2. सिविल जज जूनियर डिविजन (लिखित) परीक्षा
3. सहायक लोक अभियोजक लिखित परीक्षा
4. प्रोजेक्ट मैनेजर और कारखाना निरीक्षक परीक्षा
कुल 503 पदों के लिए होने वाली इन परीक्षाओं के भविष्य पर अब अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। आयोग ने कहा है कि नई तिथियों की घोषणा वेबसाइट पर अगले आदेश के माध्यम से की जाएगी।