JNU में PhD एडमिशन: 7 जुलाई तक होगा रजिस्ट्रेशन, छात्रसंघ ने शुरू की भूख हड़ताल

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पीएचडी में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 7 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
JNU में PhD एडमिशन: 7 जुलाई तक होगा रजिस्ट्रेशन, छात्रसंघ ने शुरू की भूख हड़ताल
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (सोर्स: सोशल मीडिया)
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पीएचडी दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक छात्र jnuee.jnu.ac.in पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसकी आवेदन प्रक्रिया 7 जुलाई तक चलेगी। इस बार आवेदन केवल ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे, ऑफलाइन किसी भी तरह का फॉर्म मान्य नहीं होगा।

जेएनयू में पीएचडी कोर्स में एडमिशन के लिए पात्रता की बात करें तो उम्मीदवार के पास 4 साल की बैचलर डिग्री के बाद 1 साल की मास्टर्स डिग्री (या 3+2 सिस्टम) होनी चाहिए और उसके साथ न्यूनतम 55% अंक होने चाहिए।

मास्टर ऑफ फिलॉसफी (एमफिल) करने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास 55 प्रतिशत अंक हों। जो लोग 4 साल की बैचलर डिग्री के बाद सीधे पीएचडी में एडमिशन लेना चाहते हैं, उनके लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालयों से प्राप्त योग्यताएं भी स्वीकार की जाएंगी।

JNU में PhD के लिए ऐसे करें आवेदन

  • सबसे पहले JNU की आधिकारिक वेबसाइट jnuee.jnu.ac.in पर जाएं।
  • 'PhD एडमिशन 2025' लिंक पर क्लिक करें।
  • खुद को रजिस्टर करें और लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करके फॉर्म भरें।
  • अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और कोर्स का विकल्प दर्ज करें।
  • आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और ऑनलाइन फीस का भुगतान करें।
  • आवेदन जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए इसकी एक प्रति डाउनलोड करें।

JNU छात्रसंघ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

इधर PhD एडमिशन का प्रोसेस शुरू होने के बाद छात्रसंघ के बैनर तले कुछ छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी हैं। इस दौरान JNUSU के प्रेजिडेंट नितीश कुमार अपनी तीन मांगें सामने रखीं। हड़ताल पर बैठे छात्रों का कहना है कि वे प्रशासन के सामने अपनी बात रखने को तैयार हैं लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। इसी वजह से जब तक उनकी बात सुनी नहीं जाएगी वो भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।

क्या है मांगे?

  • JNUEE का आयोजन किया जाना चाहिए यानी जेएनयू के यूजी कोर्स में प्रवेश CUET के बजाय एक अलग परीक्षा के माध्यम से होना चाहिए। साथ ही पीएचडी में प्रवेश एक अलग प्रवेश परीक्षा के आधार पर होना चाहिए।
  • पिछले विरोध प्रदर्शनों में शामिल पीएचडी छात्रों के खिलाफ चल रही जांच को रोका जाना चाहिए।
  • पीएचडी छात्रों के लिए छात्रावास में रहने की अवधि 4 साल तय की गई है। इसे खत्म किया जाना चाहिए।
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