

Barabanki's Vedant Tripathi Story: जिले के छोटे से गांव रसूलपुर निवासी वेदांत त्रिपाठी ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट संकल्प के बल पर लोक सेवा आयोग की संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा (सीडीएस) उत्तीर्ण कर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया है। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश में रहकर पढ़ाई करने वाले वेदांत की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।
वेदांत का यह सफर आसान नहीं रहा। पढ़ाई के दौरान उन्हें 10 से अधिक बार सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू में असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और देशसेवा के जुनून ने अंततः उन्हें सफलता दिलाई। आज वेदांत भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित होकर अपने सपने को साकार कर चुके हैं।
वेदांत के पिता अतुल त्रिपाठी जनसेवा केंद्र का संचालन करते हैं, जबकि उनकी माता प्रीति त्रिपाठी एक निजी विद्यालय में अध्यापिका हैं। माता-पिता के मार्गदर्शन और संस्कारों ने वेदांत को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
गांव की गलियों से निकलकर सेना के अधिकारी बनने तक का वेदांत का सफर आज के युवाओं के लिए एक मिसाल है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखे और पूरे किए जा सकते हैं। वेदांत की उपलब्धि से गांव और क्षेत्र के युवाओं में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ है।
संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जो भारतीय सेना, नौसेना, और वायु सेना में अधिकारियों की भर्ती के लिए आयोजित की जाती है। इस परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा साल में दो बार किया जाता है। इसका उद्देश्य योग्य उम्मीदवारों का चयन भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), भारतीय नौसेना अकादमी (INA), वायु सेना अकादमी (AFA), और अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (OTA) में प्रशिक्षण के लिए करना है।