AFMC पुणे के जरिए बन सकते हैं आर्मी डॉक्टर।
एडमिशन के लिए NEET-UG पास करना जरूरी।
शुरुआती सैलरी 1 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है।
रिटायरमेंट पर पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलती हैं।
Army Doctor Kaise Bane: मेडिकल की पढ़ाई करने वाले कई छात्र डॉक्टर बनने के साथ देश की सेवा करने का सपना भी देखते हैं। ऐसे युवाओं के लिए भारतीय सेना में डॉक्टर बनना एक खास करियर विकल्प हो सकता है। यहां मरीजों का इलाज करने के साथ सेना के जवानों और अधिकारियों को चिकित्सा सेवाएं देने का अवसर मिलता है। लेकिन आर्मी डॉक्टर बनने के लिए सिर्फ MBBS की डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं है।
इसके लिए सही शैक्षणिक योग्यता, NEET-UG में अच्छा स्कोर और संबंधित चयन प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी है। पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC) इस दिशा में एक प्रमुख विकल्प है। अगर आप 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की पढ़ाई कर रहे हैं और मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो जानिए आर्मी में डॉक्टर बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए, एडमिशन कैसे मिलता है, ट्रेनिंग कैसी होती है और शुरुआती सैलरी कितनी हो सकती है।
भारतीय सेना में डॉक्टर बनने के लिए पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC) एक प्रमुख विकल्प है। यहां MBBS में दाखिले के लिए उम्मीदवारों को 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और अंग्रेजी विषयों की पढ़ाई करनी होती है।
इसके बाद NEET-UG परीक्षा पास करना अनिवार्य है। NEET स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को ToELR टेस्ट, इंटरव्यू और मेडिकल फिटनेस जांच जैसी चयन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ सकता है। आवेदन करने से पहले संबंधित वर्ष की पात्रता और प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी AFMC की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांच लें।
AFMC में MBBS की पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के साथ अनुशासन और सैन्य जीवन से जुड़ी ट्रेनिंग भी दी जाती है। MBBS पूरा करने के बाद योग्य उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों और सेवा की शर्तों के अनुसार सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (AFMS) में कमीशन मिल सकता है।
नियुक्ति के बाद डॉक्टर भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना के अस्पतालों, कमांड हॉस्पिटल और जरूरत के अनुसार फील्ड मेडिकल यूनिट में सेवाएं दे सकते हैं। उनका मुख्य काम सैनिकों और अन्य अधिकृत लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना होता है।
बता दें कि भारतीय सेना में डॉक्टरों को उनके पद, रैंक और लागू वेतन नियमों के अनुसार सैलरी मिलती है। इसमें बेसिक पे के अलावा मिलिट्री सर्विस पे और पात्रता के अनुसार दूसरे भत्ते शामिल हो सकते हैं। शुरुआती कमाई पोस्टिंग, रैंक और लागू भत्तों के आधार पर अलग-अलग होती है।
इसके अलावा पात्र अधिकारियों को सरकारी आवास या उससे जुड़े लाभ, कैंटीन सुविधा और अन्य सेवा लाभ मिल सकते हैं। इसलिए सैलरी की सटीक जानकारी के लिए AFMS की भर्ती अधिसूचना और मौजूदा वेतन नियम देखना जरूरी है।
आर्मी डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र उनकी सेवा के प्रकार, रैंक, विशेषज्ञता और लागू नियमों पर निर्भर करती है। पात्रता पूरी करने वाले अधिकारियों को नियमों के अनुसार पेंशन और पूर्व सैनिकों से जुड़े लाभ मिल सकते हैं।
चिकित्सा सुविधाएं भी संबंधित सरकारी नियमों और पात्रता के आधार पर दी जाती हैं। सेना में डॉक्टर के रूप में करियर चुनने वालों को चिकित्सा क्षेत्र में काम करने के साथ देश की सेवा करने का अवसर मिलता है। हालांकि, पेंशन और अन्य सुविधाएं सेवा की शर्तों के अनुसार तय होती हैं।