NIFT के पाठ्यक्रम में AI और ब्लॉकचेन की कराई जाएगी एंट्री, कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने की इसकी वकालत

निफ्ट के पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को शामिल करने की वकालत की। कपड़ा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि सभी 19 निफ्ट के पाठ्यक्रम में एआई और ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी को शामिल करने की अनिवार्य आवश्यकता है।
NIFT के पाठ्यक्रम में AI और ब्लॉकचेन की कराई जाएगी एंट्री, कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने की इसकी वकालत
कॉन्सेप्ट फोटो
Published on: 
Updated on: 

नई दिल्ली : केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार 11 नवंबर को राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) के पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को शामिल करने की वकालत की। यहां चार निफ्ट परिसरों के संयुक्त दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कपड़ा मंत्री ने कहा कि देश ‘विकसित भारत' बनने की ओर अग्रसर है और निफ्ट से निकलने वाले नए स्नातकों को अगले चार से पांच साल में नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनना चाहिए।

उन्होंने सभी स्नातक विद्यार्थियों को बधाई दी तथा उन्हें कपड़ा क्षेत्र में देश के गौरव को सुदृढ़ करते हुए ‘ब्रांड इंडिया' के निर्माण का लक्ष्य दिया। कपड़ा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि सभी 19 निफ्ट के पाठ्यक्रम में एआई और ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी को शामिल करने की अनिवार्य आवश्यकता है।

निफ्ट ने अपने 2023-24 स्नातक बैच के विद्यार्थियों के लिए भारत मंडपम में दीक्षांत समारोह आयोजित किया। संयुक्त दीक्षांत समारोह में चार निफ्ट परिसरों- दिल्ली, रायबरेली, कांगड़ा और पंचकूला के छात्र शामिल हुए। बयान में कहा गया है कि 2024 में स्नातक करने वाले निफ्ट के 80 प्रतिशत से अधिक छात्रों को पहले ही 18 लाख रुपये के शीर्ष पैकेज के साथ पाठ्यक्रम के दौरान नौकरी मिल चुकी है।

आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि मौजूदा समय में लगभग हर एक कोर्सेस में एआई और ब्लॉकचेन को इंटिग्रेट हो रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि एआई के क्षेत्र में काफी ज्यादा संभावनाएं दिख रही है। एआई से कई सारे जॉब के नए ऑप्शन क्रिएट हो रहे हैं। हालांकि कई रिपोर्ट में देवे किया गया है कि एआई कार्यरत लोगों की जॉब छीन लेगा। इन रिपोर्ट में सबसे ज्यादा गोलेडमैन सैच्स की चर्चा हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि एआई के आने से 30 मिलियन लोगों का जॉब खतरे में हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com