Agniveer Phase 2: भारतीय सेना में अग्निवीर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ा अपडेट है। अग्निपथ योजना के तहत 21 से 28 सितंबर 2026 तक कोलकाता के संतोषपुर स्थित किशोर भारती क्रीड़ांगन में अग्निवीर फेज-2 भर्ती रैली आयोजित की जाएगी।
यह भर्ती रैली केवल उन्हीं अभ्यर्थियों के लिए है, जिन्होंने पहले चरण यानी CEE (कॉमन एंट्रेंस एग्जाम) सफलतापूर्वक पास किया है। ऐसे में रैली में शामिल होने से पहले उम्मीदवारों के लिए जरूरी दस्तावेज, रिपोर्टिंग टाइम, मेडिकल फिटनेस, अनुशासन संबंधी नियम और टैटू पॉलिसी जैसी सभी गाइडलाइन्स को अच्छी तरह समझना बेहद जरूरी है।
किसी भी दस्तावेज की कमी या नियमों का उल्लंघन उम्मीदवार की भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, इसलिए रैली में पहुंचने से पहले पूरी तैयारी के साथ जाना जरूरी है। तो आईए हम इस खबर में आपको भर्ती से जूड़ी पूरी जानकारी के बारें में बताऐंगे।
रैली में जाने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें। यदि किसी प्रमाणपत्र में नाम, जन्मतिथि या अन्य जानकारी में गलती हो, तो उसे पहले ही सुधरवा लें। साथ ही अपनी फिटनेस का ध्यान रखें और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या को नजरअंदाज न करें।
भारतीय सेना की गाइडलाइन के अनुसार उम्मीदवार निर्धारित समय पर रिपोर्ट करें और पूरे समय अनुशासन बनाए रखें।
मोबाइल फोन और अन्य अनावश्यक निजी सामान भर्ती रैली स्थल पर न ले जाएं। किसी दलाल, एजेंट के झांसे में बिल्कुल न आएं, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है।
भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी अगली सूचना, मेडिकल, मेरिट लिस्ट और रिजल्ट की जानकारी केवल भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर ही देखें। किसी अफवाह या अनधिकृत सूचना पर भरोसा करने से बचें।
भारतीय सेना की अग्निवीर भर्ती में स्थायी (Permanent) टैटू को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। सामान्य उम्मीदवारों के लिए शरीर के अधिकांश हिस्सों पर टैटू मान्य नहीं हैं,
जबकि जनजातीय (Tribal) समुदाय के अभ्यर्थियों को उनकी परंपरा और रीति-रिवाजों के आधार पर विशेष छूट दी जाती है।
यदि उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त जनजातीय समुदाय से है और उसकी परंपरा में टैटू का प्रचलन है, तो वह स्थायी टैटू के साथ आवेदन कर सकता है। इसके लिए दो दस्तावेज अनिवार्य होंगे।
Self-Certification Certificate (Appendix F-I)
Tribal Tattoo Permission Certificate (Appendix F-II), जिस पर DC/DM/SDM के हस्ताक्षर होने चाहिए।
भारतीय सेना केवल सीमित स्थानों पर बने धार्मिक या पारंपरिक टैटू को स्वीकार करती है। इनमें शामिल हैं:
बाजू का अंदरूनी हिस्सा
कोहनी से कलाई के बीच का भाग
हाथ का पिछला हिस्सा
इन स्थानों पर बने स्थायी टैटू भर्ती के दौरान स्वीकार नहीं किए जाएंगे:
ऊपरी बाजू
छाती
गर्दन
पैर
कमर या पसलियों का हिस्सा (Side/Ribs)
शरीर का कोई अन्य हिस्सा
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि रैली में शामिल होने से पहले भारतीय सेना की आधिकारिक टैटू गाइडलाइन जरूर जांच लें, ताकि दस्तावेज या मेडिकल जांच के दौरान कोई परेशानी न हो।