सांकेतिक तस्वीर
World First Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को देश का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। लोकसभा में सुबह 11 बजे उनका बजट भाषण शुरू होगा। वित्त मंत्री के रूप में यह निर्मला सीतारमण का 9वां बजट होगा। बजट को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। एक-दो दिनों में बजट से पहले वित्त मंत्रालय में हलवा सेरेमनी के साथ बजट की लॉक-इन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
हर साल की तरह इस बार भी देश के मध्यम वर्ग को बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को राहत मिलने की आस है। बजट में क्या घोषणाएं होंगी, इसका खुलासा तो वित्त मंत्री के भाषण के बाद ही होगा। लेकिन इससे पहले हम आपको दुनिया के पहले बजट से जुड़ी दिलचस्प जानकारी देने जा रहे हैं—दुनिया का पहला बजट कहां पेश हुआ, ‘बजट’ शब्द की उत्पत्ति क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई।
‘बजट’ शब्द की जड़ें लैटिन भाषा के शब्द बुल्गा में मिलती हैं। फ्रांसीसी भाषा में इसे बुजेट कहा गया, जो अंग्रेजी में इस्तेमाल होते-होते बोगेट और फिर बजट बन गया।
अगर दुनिया में बजट पेश करने की शुरुआत की बात करें, तो इसका श्रेय इंग्लैंड को जाता है। जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड में वर्ष 1760 से हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बजट पेश करने की परंपरा शुरू हुई। यहीं से बजट की अवधारणा धीरे-धीरे अन्य देशों तक पहुंची और सरकारों द्वारा इसे अपनाया गया।
भारत में बजट की शुरुआत आज़ादी से पहले ही हो चुकी थी। 1857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार ने देश की वित्तीय व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन को भारत बुलाया। उन्होंने 7 अप्रैल 1860 को भारत का पहला केंद्रीय बजट पेश किया था। वहीं, आज़ादी के बाद स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री आर.के. षणमुगम चेट्टी ने प्रस्तुत किया था।
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बता दें कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा और एक ब्रेक के साथ 2 अप्रैल तक चलेगा। पहला फेज 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा फेज 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। सेशन के दौरान कुल 30 मीटिंग होने की उम्मीद है। यूनियन बजट 2026-27 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। सेशन की फॉर्मल शुरुआत भारत की प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्यों के संबोधन से होगी।