Women’s Day Special: म्यूचुअल फंड्स में दबदबा बना रहीं हैं महिला निवेशक, 90 फीसदी महिलाएं SIP से करती है शुरुआत
देश में महिलाओं की म्यूचुअल फंड्स में बढ़ती भागीदारी के साथ उनके बढ़ते निवेश और योगदान में भी जबरदस्त वृद्धि हो रही है। महिलाएं सोच-समझकर बड़े निवेश कर अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
- Written By: आकाश मसने
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
International Women’s Day: देश में महिलाओं की म्यूचुअल फंड्स में बढ़ती भागीदारी के साथ उनके बढ़ते निवेश और योगदान में भी जबरदस्त वृद्धि हो रही है। महिला निवेशकों के बढ़ते योगदान और निवेश प्रतिबद्धता को देखते हुए हाल ही में 1 लाख महिला निवेशकों के निवेश पैटर्न का सर्वेक्षण किया गया। इसके डेटा दर्शाते हैं कि महिलाएं सोच-समझकर बड़े निवेश कर रही हैं और अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
डेटा से पता चलता है कि महिला निवेशकों का एवरेज सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) योगदान पुरुषों की तुलना में लगभग 22% अधिक है, जबकि उनका एवरेज निवेश पुरुषों से लगभग 45% अधिक रहा है। ये डेटा दर्शाते हैं कि महिलाएं वित्तीय बाजारों और जोखिम को एक नए नजरिए से देख रही हैं।
90% महिला निवेशक एसआईपी के साथ करती है शुरुआत
1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक फोनपे वेल्थ म्यूचुअल फंड्स की 1,00,000 महिला निवेशकों पर किए गए सर्वेक्षण के अनुसार 90% महिला निवेशक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के साथ शुरुआत करती हैं, जिससे पता चलता है कि वे अनुशासित और दीर्घकालिक निवेश को प्राथमिकता देती हैं।
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महिला निवेशकों का एवरेज SIP योगदान मूल्य रु. 1300 है, जो पुरुषों की तुलना में 22% अधिक है। महिला निवेशकों का एवरेज लम्पसम निवेश पुरुष निवेशकों की तुलना में 45% अधिक है।
72% महिला निवेशक बी30 शहरों से हैं
महिलाएं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही हैं, जिसमें महाराष्ट्र (20%), कर्नाटक (12%), और उत्तर प्रदेश (9%) का प्रमुख योगदान रहा है। 72% महिला निवेशक बी30 (टॉप 30 शहरों के अतिरिक्त) शहरों से हैं, जिससे यह पता चलता है कि म्यूचुअल फंड्स की पहुंच बड़े महानगरों से आगे बढ़ रही है।
वाराणसी, रांची, देहरादून, गुवाहाटी और वडोदरा जैसे शहरों में महिला निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, जो संपत्ति निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।
विविध फंड का करती हैं चयन
लगभग 50% महिला निवेशकों ने कॉन्ट्रा/वैल्यू फंड्स में निवेश किया है। अन्य लोकप्रिय निवेश श्रेणियों में फ्लेक्सि-कैप, मिड-कैप, स्मॉल-कैप और थीमैटिक फंड्स शामिल हैं। यह विविध फंड चयन दर्शाता है कि महिलाएं पोर्टफोलियो में विविधता लाने, रणनीतिक निवेश करने और सोच-समझकर जोखिम लेने की अच्छी समझ रखती हैं।
74% महिला निवेशक 35 वर्ष या उससे कम उम्र की हैं, जिनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी (29%) 26 से 30 वर्ष की उम्र के बीच का है। महिलाएं ज्यादातर सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच निवेश करती हैं, और इसी अवधि में 44% लेन-देन होते हैं।
फाइनेंस इंडस्ट्री का बदल रहा स्वरूप
महिलाओं के बदलते निवेश पैटर्न से वित्तीय उद्योग का स्वरूप बदल रहा है, जिससे उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देना अब और भी जरूरी हो गया है। इस बदलाव को समझते हुए, फ़ोनपे वेल्थ निवेशकों के लिए निवेश को आसान और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न संसाधन और टूल्स उपलब्ध करा रहा है, जिससे वे अपने निवेश को अच्छे से मैनेज कर सकें और अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा कर सकें।
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शेयरडॉटमार्केट (फोनपे वेल्थ) के हेड ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स, नीलेश डी नायक के अनुसार हम महिला निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और वित्तीय क्षेत्र में उनके बदलते योगदान की सराहना करते हैं. डेटा दर्शाता कि अब महिला निवेशक न केवल भाग ले रही हैं, बल्कि सक्रिय रूप से निवेश भी कर रही हैं।
महिला निवेशक वित्तीय रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर हैं। वे अपने पोर्टफ़ोलियो में विविधता ला रही हैं और दीर्घकालिक सोच के साथ निवेश कर रही हैं। अब यह धारणा बदल चुकी है कि महिलाएं वित्तीय मामलों में बेहद सतर्क रहती हैं।
