Crude Oil: पेट्रोल-डीजल के दाम में आएगा बड़ा उछाल? विदेश से मिली चेतावनी, 120 डॉलर के पार पहुंचेगा क्रूड ऑयल
Crude Oil Price Hike: अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शुरू हुए संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में काफी उथल-पुथल की स्थिति बनी हुई है। गुरुवार के दिन कच्चे तेल का भाव 95 के पार पहुंच गया।
- Written By: मनोज आर्या
120 डॉलर के पार पहुंच सकता है क्रूड ऑयल का भाव, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Crude Oil Price Hike Alert: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कई दिनों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से बंद है। उधर हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब के लिए समुद्री रूट पर बंदी के कारण लाल सागर (Red Sea) के रास्ते एक्सपोर्ट को लेकर चिंताए बढ़ चुकी हैं। इसका असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। पिछले एक हफ्ते से कच्चे तेल में जारी तेजी के बीच यह 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है।
तेल की बढ़ती कीमतों ने पहले ही वैश्विक चिंताओं को चरम पर पहुंचा दिया है। इसी बीच अब विदेश से एक ऐसी चेतावनी आई है, जो डराने वाली है। दरअसल, गोल्डमैन सैश ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर के पार जा सकता है।
अमेरिका-ईरान युद्ध का कच्चे तेल पर असर
गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुए संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में काफी उथल-पुथल की स्थिति बनी हुई है। गुरुवार, को खबर लिखे जाने तक इंटरनेशनल ऑयल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइस (Brent Crude Oil Price) 95.95 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से ट्रेड कर रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
नवभारत संपादकीय: ट्रंप की नीति पर सवाल, क्या अमेरिका-ईरान में फिर होगा संघर्ष विराम ?
Saudi UAE Relations: गिले-शिकवे भूल ‘जय-वीरू’ बने सऊदी अरब और UAE, खत्म की दुश्मनी, जानें पूरा मामला
Bandhan Bank Share: बंधन बैंक के शेयरों में बड़ा भूचाल! 17% से ज्यादा टूटा स्टॉक; जानिए गिरावट की असली वजह
5 साल में 1.42 लाख करोड़ का बैंक फ्रॉड! वित्त मंत्रालय ने संसद में पेश किए चौंकाने वाले आंकड़े
120 डॉलर के पार पहुंच सकता है कच्चा तेल
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्डमैन ने अपने एक नोट का हवाला देते हुए कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से गुड़्स ट्रांस्पोर्टेशन में किसी तरह की बाधा जारी रहती है, तो फिर चौथी तिमाही तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले मार्च-अप्रैल महीने में जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग तेज हुआ था, तो कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर तक पहुंच गईं थी।
दिग्गज इन्वेंस्टमेंट बैंक गोल्मैन सैश के एनालिस्ट ने डान स्ट्रुवेन के नेतृत्व में कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ने और फारस की खाड़ी से अनुमानित ऑयल फ्लो के युद्ध से पहले के स्तरों के 45 प्रतिशत से नीचे गिरने से तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि कच्चे तेल का भाव 120 डॉलर के पार निकलने के इन अनुमानों के लिए रिस्क हाई हैं, जो होर्मुज में लगातार बाधा और लाल सागर में एक्सपोर्ट पर संकट की संभावना को दर्शाता है।
यह भी पढ़ें: 5 साल में 1.42 लाख करोड़ का बैंक फ्रॉड! वित्त मंत्रालय ने संसद में पेश किए चौंकाने वाले आंकड़े
संघर्ष कम होने के बाद घट सकते हैं भाव
इसके अलावा गोल्डमैन ने वेस्ट एशिया में संघर्ष कम होने की स्थिती में चौथी तिमाही में ब्रेंट का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल और अगले साल 75 डॉलर प्रति बैरल तक टूटने का भी अनुमाना लगाया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट आने से कच्चे तेल के कार्गो को ग्लोबल खरीदारों तक पहुंचाने में लाल सागर की भूमिक अहम हो गई है। जहां यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर एक्शन ने इस समुद्री रास्ते को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
