Explainer: सस्ते पेट्रोल के फेर में क्यों महंगा हो गया चीनी-आटा, एथेनॉल ब्लेंडिंग का आपकी रसोई पर क्या असर?

Sugar Price Surge: चीनी की बढ़ती कीमतें को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने गुरुवार को टैरिफ रेट कोटा के तहत 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन रॉ शुगर के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट को मंजूरी दे दी है।
major reason behind sugar price surge in india
भारत में अचानक क्यों बढ़े चीनी के दाम?(AI जेनरेटेड इमेज)
Published on
Updated on

Sugar Price Surge in India Explained: भारत में पिछले तीन महीने के भीतर चीनी का भाव 40 प्रतिशत (19 रुपये प्रति किलोग्राम) बढ़ गए। चीनी के अलावा गुड़ 24 प्रतिशत, चावल 16 प्रतिशत और मक्के का आटा 11 प्रतिशत तक महंगा हुआ। इस समय यह चर्चा का विषय इसलिए है, क्योंकि पिछले 10 सालों में इन खाद्य उत्पादों की कीमतों में कभी इतनी बढ़ोतरी नहीं हुई थी।

चीनी की बढ़ती कीमत को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने गुरुवार को टैरिफ रेट कोटा के तहत 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन रॉ शुगर के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही, हर महीने 10 टन से अधिक खपत वाले थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक लिमिट लगा दी। उन्हें केवल 15 दिनों तक की खपत के बराबर ही चीनी रखने की अनुमति होगी।

अचानक क्यों महंगी हुई चीनी?

चीनी की कीमतें बढ़ने की बड़ी वजह 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे 2026-27 सीजन में चीनी का ओपनिंग स्टॉक घरेलू खपत के लिए जरूरी 50 लाख टन ने कम रहने का अनुमान है। मानकों के मुताबिक, एथेनॉल में 67 प्रतिशत मक्का, चावल की टुकड़ी और खराब अनाज प्रयोग होता है। बाकी का 33 फीसदी गन्ना और इसके उत्पाद का इस्तेमाल किया जाता है।

reason behind sugar price surge in india
भारत में अचानक क्यों बढ़ा चीनी का दाम?(AI जेनरेटेड इमेज)

ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन के अनुसार, देश में पिछले साल 720 करोड़ लीटर एथेनॉल बना। जिसमें 1.33 करोड़ टन अनाज और 25 लाख टन चीनी बनाने लायक गन्ना का शीरा का उपयोग किया गया। इसमें 34 लाख टन गन्ना था। खराब अनाज से पशु आहार और पॉल्ट्री फीड बनती थी। उपलब्धता कम होने से पशु आहार 8 से 10 प्रतिशत तक महंगा हुआ, जिससे दूध-अंडे की कीमतें भी 5 से 10 प्रतिशत बढ़ चुकी है।

'पेनिक बाइंग से कीमतों में तेजी'

इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के मुताबिक, साल 2026-27 में गन्ने के कुल प्रोडक्शन का अनुमान 46.3 करोड़ टन है। इसके साथ ही 3.36 करोड़ टन चीनी उत्पादन का अनुमान है, जो पिछले वर्ष से 12 फीसदी ज्यादा है। 2025-26 में पेराई से पहले मिलों का ओपनिंग स्टॉक 47 लाख टन था। वहीं, 2026-27 की पेराई सीजन से पहले ये स्टॉक 32 लाख करोड़ टन बचा है। बड़ी वजह यह है कि 2025-26 में 25 लाख टन चीनी लायक गन्ना-शीरा एथेनॉल बनाने में लगा है।

major reason behind sugar price surge in india
चीनी की कीमतों में 35% का उछाल, रिटेल कीमतें 65 रुपये पहुंची; त्योहारी सीजन में और तेजी की आशंका

आईएसएमए के डायरेक्टर जनरल दीपक बलानी के मुताबिक, देश में चीनी की कोई कमी नहीं है। कीमतों में यह तेजी सट्टेबाजी और पेनिक बाइंग का नतीजा है। सीजन खत्म होने तक क्लोजिंग स्टॉक 35-40 लाख टन रहेगा।

why sugar become costlier in india
कितनी बढ़ी महंगाई?(AI जेनरेटेड इमेज)

एथेनॉल में गन्ने के इस्तेमाल पर सवाल

हालांकि, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय मंत्री शंखर ठक्कर ने कहा कि हम 3 साल से कह रहे हैं कि गन्ने का एथेनॉल में उपयोग समस्याएं पैदा करेंगी। अब यही देखने को मिल रहा है। सरकार चीनी इंपोर्ट कर रही है। लेकिन नवंबर से पहले दुनियाभर से ऐसी चीनी मिलने की संभावना बहुत कम है। सरकार रॉ शुगर के आताय के प्रयास में है। ऐसी चीनी का निर्यात करने वाले देश बहुत कम हैं।

major reason behind sugar price surge in india
E20 ने कम की चीनी की मिठास? 10 साल में पहली बार विदेश से मंगवाई जा रही 10 लाख टन चीनी

निर्यात से आयात करने की नौबत

मिनिस्ट्री ऑफ कमर्शियल अफेयर्स के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022-23 में 1.33 करोड़ टन चीनी-शीरा और इससे बने उत्पादों का निर्यात हुआ। वहीं, साल 2023-24 में यह 51.35 लाख टन रहा। जबकि, साल 2024-25 में यह निर्यात घटकर 38.43 लाख टन तक सीमित हो गया। वर्ष 2026-27 में चीनी के निर्यात का आंकड़ा जीरो रहेगा, क्यों इस बार देश को आयात करने की नौबत आ गई है।

Navbharat Live
navbharatlive.com