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SIP Myths: सिर्फ SIP शुरू करना काफी नहीं, फाइनेंशियल प्लानिंग के ये मिथक कर सकते हैं आपको कंगाल
Systematic Investment Plan Guide: SIP निवेश का शानदार तरीका है, लेकिन इसके साथ कई मिथक जुड़े हैं। सही फंड चुनाव और लंबी अवधि का अनुशासन ही आपको एक बड़ा और सुरक्षित फंड बनाने में मदद कर सकता है।
- Written By: प्रिया सिंह

SIP और फाइनेंशियल प्लानिंग के ये मिथक कर सकते हैं आपको कंगाल (सोर्स-सोशल मीडिया)
The Systematic Investment Plan Success Tips: सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के माध्यम से आज लाखों भारतीय निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश कर एक बड़ा कॉर्पस बनाने का सपना देख रहे हैं। हालांकि केवल SIP शुरू कर देना ही वित्तीय सफलता की गारंटी नहीं है क्योंकि बाजार में इससे जुड़े कई भ्रम फैले हुए हैं। अगर आप इन पांच बड़े मिथकों को नजरअंदाज करते हैं, तो आपकी भविष्य की पूरी फाइनेंशियल प्लानिंग बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
रिटर्न की गलत उम्मीदें
कई निवेशकों को लगता है कि SIP शुरू करते ही उन्हें हर साल शानदार और स्थिर रिटर्न मिलना तय है जो कि पूरी तरह गलत है। हकीकत में यह कोई गारंटीशुदा स्कीम नहीं है बल्कि इसका प्रदर्शन बाजार के उतार-चढ़ाव और फंड के चुनाव पर निर्भर करता है। असली वेल्थ क्रिएशन का फायदा आमतौर पर सात से दस साल या उससे अधिक समय तक निवेशित रहने पर ही नजर आता है।
ज्यादा फंड का नुकसान
कुछ लोग यह मानते हैं कि आठ से दस अलग-अलग फंड में निवेश करने से उनका जोखिम कम होगा और फायदा बहुत बढ़ जाएगा। हकीकत में बहुत ज्यादा फंड रखने से पोर्टफोलियो ओवरलैप हो जाता है क्योंकि अधिकांश फंड एक जैसे शेयरों में ही पैसा लगाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार केवल तीन से पांच अच्छे और विविध श्रेणी के फंड चुनना ही आपके वित्तीय लक्ष्यों के लिए पर्याप्त होता है।
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SIP और लचीलापन
एक आम भ्रम यह है कि एक बार शुरू करने के बाद SIP को कभी भी बंद या बीच में रोका नहीं जाना चाहिए। असल में जीवन की बदलती परिस्थितियों और आय में उतार-चढ़ाव के अनुसार आप अपने निवेश को पॉज करने या बदलने का निर्णय ले सकते हैं। कई एएमसी द्वारा दी जाने वाली पॉज सुविधा का उपयोग आपात स्थिति में किया जा सकता है ताकि आपकी बचत सुरक्षित रहे।
बाजार की गिरावट में अवसर
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखकर अक्सर नए निवेशक घबरा जाते हैं और डर के मारे अपनी चालू SIP तुरंत बंद कर देते हैं। जबकि गिरता हुआ बाजार वास्तव में कम एनएवी पर ज्यादा यूनिट्स खरीदने का एक बहुत ही शानदार और लाभकारी अवसर प्रदान करता है। जब बाजार भविष्य में दोबारा सुधरता है, तो यही एक्स्ट्रा यूनिट्स आपके पोर्टफोलियो को औसत लागत कम करके बेहतर रिटर्न देती हैं।
तरीका बनाम उत्पाद
सबसे बड़ा भ्रम यह है कि SIP खुद एक निवेश उत्पाद है, जबकि यह वास्तव में निवेश करने का केवल एक व्यवस्थित तरीका है। आपका वास्तविक मुनाफा पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपका पैसा किस तरह के म्यूचुअल फंड और रणनीति में लगा है। फंड के प्रदर्शन और जोखिम के स्तर को समझे बिना निवेश करना आपके भविष्य की वित्तीय योजना के लिए नुकसानदायक है।
यह भी पढ़ें: IFSC और MICR कोड में क्या है अंतर? सुरक्षित ऑनलाइन फंड ट्रांसफर के लिए समझें पूरी बात
अनुशासन और सही चुनाव
म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि का निवेश ही वास्तव में कंपाउंडिंग की ताकत का लाभ उठाने का सबसे प्रभावी और सरल रास्ता है। केवल ट्रेंड को देखकर निवेश करने के बजाय अपने लक्ष्यों के अनुसार फंड का चुनाव करना आपके लिए अधिक समझदारी भरा फैसला होगा। बाजार के इन बुनियादी मिथकों को समझकर ही आप अपने निवेश पर स्थिर और बेहतर रिटर्न प्राप्त करने की उम्मीद कर सकते हैं।
Why just starting sip is not enough for financial planning
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