अब हीरे के कारोबार में अनिल अग्रवाल की एंट्री, दुनिया की इस दिग्गज कंपनी पर वेदांता की नजर!
हीरे की मशहूर कंपनी De Beers को खरीदने की रेस में कई कंपनियां शामिल हैं। इसमें भारत के दिग्गज कारोबारी और वेंदाता के मालिक अनिल अग्रवाल का नाम भी शामिल है।
- Written By: मनोज आर्या
अनिल अग्रवाल, (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: मशहूर भारतीय बिजनेसमैन और वेदांता ग्रुप के चेयरपर्सन अनिल अग्रवाल की नजर अब डायमंड कारोबार पर है। रॉयटर्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की मशहूर हीरा कंपनी De Beers को खरीदने के लिए कई कंपनियां अपना रुची दिखा रही हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से जानकारी दी गई है कि छह कंसोर्टियम इस खरीदारी के रेस में हैं। इनमें अनिल अग्रवाल के अलावा भारत के कुछ अन्य हीरा कारोबारी कंपनियां और कतर के निवेश फंड भी शामिल है।
बता दें कि बिकने वाली कंपनी De Beers पहले Anglo American का हिस्सा थी। हालांकि, Anglo American अब सिर्फ तांबे और लोहे के कारोबार पर ही अपना फोकस रखना चाहती है। इसलिए वह इसे बेच रही है। लेकिन यह ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया में हीरे के भाव नीचे गिर रहा है।
बड़े ग्रुप के साथ मिलकर बोली लगा सकते हैं अनिल अग्रवाल
वेदांता रिसोर्सेज के मालिक अनिल अग्रवाल भी De Beers को अपने समूह में शामिल करने के लिए दिलचस्पी दिखा रहे हैं। गौरतलब है कि उनकी कंपनी जाम्बिया और दक्षिण अफ्रीका में अपनी खदानें चलाती है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि अनिल अग्रवाल एक बड़े ग्रुप के साथ मिलकर बोली लगा सकते हैं। हालांकि Anglo American और अनिल अग्रवाल दोनों ने इस मामले में कुछ कहने से इनकार कर दिया है।
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De Beers की वैल्यू कितनी है?
Anglo American ने जानकारी देते हुए बताया कि De Beers की बुक वैल्यू $4.9 बिलियन है। पिछले दो साल में कंपनी को कुल $3.5 बिलियन का नुकसान भी हुआ है। कंपनी ने Morgan Stanley, Goldman Sachs और Centerview को वित्तीय सलाहकार नियुक्त किया है। ये सलाहकार कंपनी को बेचने, अलग करने या शेयर बाजार में लिस्ट कराने में मदद करेंगे। Anglo American ने कहा है कि उन्होंने वित्तीय सलाहकारों को बिक्री या डीमर्जर और संभावित लिस्टिंग में मदद करने के लिए रखा है। इसका मतलब है कि कंपनी De Beers को बेचने के अलावा उसे शेयर बाजार में भी लिस्ट करा सकती है।
