UP Housing: यूपी में घर खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, सरकार ने घटाए आवासीय शुल्क, सस्ते मिलेंगे फ्लैट
UP Flat Prices: यूपी सरकार ने नई आवासीय योजनाओं में ओवरहेड और कंटीन्जेंसी चार्ज 30% से घटाकर 16% कर दिए हैं। किस्तों पर ब्याज और पेनल्टी में भी कटौती की गई है, जिससे अब घर खरीदना काफी सस्ता होगा।
- Written By: प्रिया सिंह
यूपी में घर खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, सरकार ने घटाए आवासीय शुल्क, अब सस्ते मिलेंगे फ्लैट (सोर्स-सोशल मीडिया)
UP Govt Slashes Overhead Charges: उत्तर प्रदेश में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए योगी सरकार ने बड़ा उपहार दिया है। प्रदेश कैबिनेट ने नई आवासीय योजनाओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए शुल्कों में भारी कटौती को मंजूरी दी है। विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की संपत्तियों पर अब अतिरिक्त भार कम होगा, जिससे सीधे तौर पर कीमतें घटेंगी। यह फैसला न केवल रियल एस्टेट सेक्टर को गति देगा, बल्कि मध्यम वर्गीय परिवारों की जेब को भी बड़ी राहत पहुंचाएगा।
अतिरिक्त शुल्कों में 14% की भारी कटौती
पहले उत्तर प्रदेश के विकास प्राधिकरण किसी भी प्रोजेक्ट में 15% कंटीन्जेंसी चार्ज और 15% ओवरहेड चार्ज वसूलते थे। यह कुल 30% अतिरिक्त राशि ग्राहकों से ली जाती थी, जिससे मकानों और फ्लैट्स के दाम आसमान छूने लगते थे। सरकार ने अब इस व्यवस्था को बदलते हुए इन दोनों शुल्कों को मिलाकर अधिकतम 16% तक सीमित कर दिया है। इस सीधी कटौती से नए प्रोजेक्ट्स में संपत्तियों की कीमतें काफी कम हो जाएंगी।
किस्तों के ब्याज और पेनल्टी में राहत
सिर्फ संपत्तियों के दाम ही नहीं, बल्कि भुगतान प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है।
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- पेनल्टी में कमी: पहले किस्त समय पर न चुकाने पर 3% पीनल ब्याज (जुर्माना) लगता था, जिसे अब घटाकर 2% कर दिया गया है।
- ब्याज दरों में सुधार: आवंटित संपत्तियों पर लगने वाली ब्याज दर जो पहले लगभग 10% तक होती थी, उसे अब MCLR + 1% तक सीमित कर दिया गया है। इससे लोन या किस्तों का मासिक बोझ कम होगा।
अलोकप्रिय संपत्तियों के लिए ‘नो रिजर्वेशन’ पॉलिसी
सरकार ने उन संपत्तियों के लिए भी नई नीति बनाई है जो लंबे समय से खाली पड़ी थीं। अब ऐसी “अलोकप्रिय संपत्तियों” पर किसी भी तरह का आरक्षण (Reservation) लागू नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति एक से अधिक ऐसी संपत्ति खरीद सकता है। इसके अलावा, एकमुश्त भुगतान (One-time Payment) करने पर 4% से 6% तक की विशेष छूट का भी प्रावधान किया गया है, ताकि खाली पड़े फ्लैट्स और प्लॉट्स की बिक्री जल्द हो सके।
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आम आदमी को क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों के बाद एक औसत फ्लैट की कीमत में 10% से 15% तक की कमी आ सकती है। इसके साथ ही, गांवों में रहने वाले लोगों के लिए ‘घरौनी’ कानून (UP Rural Abadi Record Bill 2025) को भी मजबूती दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के कागजों के आधार पर बैंक लोन लेना अब बहुत आसान हो जाएगा।
