

Cabinet Approved SME Growth Fund: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड (SGG) को स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य भारत के छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) के लिए विकास केंद्रित पूंजी को बढ़ावा देना और मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन-आधारित सेक्टर और रणनीतिक वैल्यू चेन में बेहतरीन भारतीय उद्यमों के विस्तार को सक्षम बनाना है।
यह केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई उन व्यापक घोषणाओं का हिस्सा था, जिनका मकसद पूरे एमएसएमई इकोसिस्टम के लिए इक्विटी, लिक्विडिटी और प्रोफेशनल सपोर्ट उपलब्ध कराना था।
कैबिनेट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ऐसे कई फंड मौजूद हैं जो इक्विटी सपोर्ट देते हैं, लेकिन उनमें से ज्यादा शुरुआती दौर के और मुख्य रूप से बहुत छोटे उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए इक्विटी ग्रोथ कैपिटल के मामले में एक संरचनात्मक कमी थी।
बयान में आगे कहा गया कि यह अहम पहल 'विकसित भारत 2047' के विजन को साकार करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इसके तहत भारत के एंटरप्रेन्योरशिप इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा, ग्रोथ-स्टेज वाली कंपनियों के लिए घरेलू कैपिटल मार्केट को और बेहतर बनाया जाएगा और ऐसी भारतीय कंपनियों की एक नई पीढ़ी तैयार की जाएगी जो ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने में सक्षम हों।
एसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और रोजगार पैदा करने, एक्सपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट और इनोवेशन में अहम भूमिका निभाते हैं।
हालांकि, कई पहलों से एमएमई के लिए क्रेडिट मिलना आसान हुआ है, फिर भी उन कंपनियों के लिए लंबे समय के रिस्क कैपिटल की कमी बनी हुई है जो अपना दायरा बढ़ाना, इनोवेशन करना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करना, नई टेक्नोलॉजी अपनाना, दूसरी कंपनियों को खरीदना और इंडस्ट्री लीडर बनना चाहती हैं।
सरकार के मुताबिक, एसएमई ग्रोथ फंड को इसी अहम फाइनेंसिंग गैप को दूर करने के लिए बनाया गया है। यह फंड उन एसएमई को 'पेशेंट ग्रोथ इक्विटी कैपिटल' देता है जिनमें अच्छी संभावनाएं हैं और जिनका बिजनेस कामयाब और आगे बढ़ने लायक साबित हो चुका है।