क्या एक्स्ट्रा टैरिफ वापस लेंगे ट्रंप? भारत को अब भी उम्मीद; अमेरिकी वित्त मंत्री ने भी दिए संकेत
Trump Tariffs: इस सप्ताह वाणिज्य मंत्रालय रसायन, रत्न एवं आभूषण सहित कई क्षेत्रों के निर्यातकों से बैठक करेगा ताकि नए बाजारों में निर्यात बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया जा सके।
- Written By: मनोज आर्या
डोनाल्ड ट्रंप, (अमेरिकी राष्ट्रपति)
America’s Tariffs On India: भारत को उम्मीद है कि अमेरिका, रूस से तेल खरीदने के चलते भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क की समीक्षा करेगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स और ज्वेलरी जैसे प्रमुख उत्पादों के निर्यात को अन्य देशों में बढ़ाने के लिए निर्यातकों से सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है। उच्च शुल्क से प्रभावित व्यवसायों को वित्तीय सहायता देने पर भी विचार किया जा रहा है।
इस सप्ताह वाणिज्य मंत्रालय रसायन, रत्न एवं आभूषण सहित कई क्षेत्रों के निर्यातकों से बैठक करेगा ताकि नए बाजारों में निर्यात बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया जा सके। मंत्रालय बजट 2025-26 में घोषित “निर्यात संवर्द्धन मिशन” को भी तेजी से लागू करने की दिशा में काम कर रहा है।
टैरिफ से 48 अरब डॉलर के कारोबार पर असर
एक अधिकारी ने बताया कि अगले 2-3 दिनों में मंत्रालय निर्यात विविधीकरण को लेकर हितधारकों से बैठक करेगा। जानकारी के अनुसार, इन ऊंचे शुल्कों से 48 अरब डॉलर से अधिक के निर्यात प्रभावित हो सकते हैं। वस्त्र एवं परिधान, रत्न-आभूषण, झींगा, चमड़ा और फुटवियर, पशु उत्पाद, रसायन तथा विद्युत और यांत्रिक मशीनरी जैसे क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। हालांकि, दवा, ऊर्जा उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक सामान इन शुल्कों के दायरे में शामिल नहीं हैं।
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भारत अमेरिका का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर
हाल के वर्षों में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है। वर्ष 2024-25 में भारत ने अमेरिका को 86.5 अरब डॉलर का माल निर्यात किया, जबकि अमेरिका से आयात का मूल्य 45.3 अरब डॉलर रहा। कुल मिलाकर, अमेरिका भारत के कुल 437.42 अरब डॉलर के माल निर्यात का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा रहा। सरकार का लक्ष्य है कि इन कदमों के जरिए निर्यातकों को अचानक बढ़े शुल्क से राहत दी जाए और साथ ही अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत किया जाए।
अमेरिकी वित्त मंत्री ने दिए संकेत
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था। मुझे विश्वास है कि हम अंततः एक साथ आएंगे।” हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि क्या रूस से तेल खरीद पर भारत को अलग तरीके से देखा जा रहा है, जबकि कई अन्य देश भी ऐसा कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, यह एक उलझा हुआ रिश्ता है। राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच अच्छे संबंध रहे हैं।
अमेरिकी बाजार की विकल्प के तलाश में भारत
अमेरिका की ओर से भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद, भारत ने 40 देशों में निर्यात बढ़ाने के लिए कोशिशों को तेज कर दिया है। इन देशों में यूके, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली का नाम शामिल है। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से दी गई। इन प्रयासों में ट्रेड फेयर, वायर-सेलर मीट्स और सेक्टर-विशेष प्रमोशन कैंपेन शामिल हैं। अन्य देशों में नीदरलैंड, पोलैंड, कनाडा, मैक्सिको, रूस, बेल्जियम, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।
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वरिष्ठ अधिकारी ने आगे बताया कि वाणिज्य मंत्रालय भारत के निर्यात में विविधता लाने और वैश्विक बाजारों में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए नए सिरे से प्रयास के तहत इस सप्ताह निर्यातकों के साथ परामर्श की एक श्रृंखला आयोजित करने वाला है। सूत्रों ने कहा कि इन बैठकों में कपड़ा, केमिकल और जेम्स एवं ज्वेलरी सहित प्रमुख क्षेत्रों के उद्योग प्रतिनिधि एक साथ आएंगे।
