शेयरों पर टैक्स सिस्टम पर पुनर्विचार को तैयार सरकार, वित्त मंत्री ने LTCG या STT हटाने के दिए संकेत
Reconsidering LTCG: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिए हैं कि सरकार शेयर बाजार पर टैक्स के बोझ और रिटेल निवेशकों के घाटे को देखते हुए LTCG और STT टैक्स सिस्टम पर पुनर्विचार करने के लिए तैयार है।
- Written By: प्रिया सिंह
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (सोर्स-सोशल मीडिया)
नवभारत के लिए विष्णु भारद्वाज की रिपोर्ट-
Govt Hints at Reconsidering LTCG: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि टैक्स बोझ के कारण भारतीय शेयर बाजार में रिटेल निवेशकों को हो रहे भारी नुकसान के मद्देनजर केंद्र सरकार टैक्स सिस्टम पर पुनर्विचार के लिए तैयार है। वित्तमंत्री ने यह बात सोमवार को मुंबई में पत्रकारों के सवाल के जवाब में कही। वित्तमंत्री से जब यह पूछा गया कि जब से सरकार ने शेयरों में निवेश पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) लगाया है और सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ाया है, तब से विदेशी निवेशक (FII) भारतीय बाजार से भारी पूंजी निकासी कर रहे हैं (पिछले दो साल में 6 लाख करोड़ रुपये और इस साल अब तक 2.40 लाख करोड़ रुपये की भारी बिकवाली)।
विदेशी निवेशकों के साथ अब करोड़ों रिटेल निवेशकों का भरोसा भी डगमगाने लगा है। इस चिंताजनक हालात को देखते हुए देश के बड़े निवेशक टैक्स सिस्टम में बदलाव की मांग करने लगे हैं, तो क्या सरकार उनकी बात पर गौर करेगी? इस पर वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा कि हम इस मुद्दे पर और बाजार से संबंधित किसी मुद्दे पर निवेशकों की बात सुनने के लिए तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर इन टैक्स पर पुनर्विचार भी कर सकते हैं। दरअसल, भारतीय शेयर बाजार में ईरान-अमेरिका युद्ध के पहले से ही मंदी छाई हुई है।
सम्बंधित ख़बरें
Gold-Silver Rate Today: आज सोना हुआ सस्ता, MCX पर चांदी में भी गिरावट, चेक करें ताजा रेट्स
Share Market Updates: शेयर बाजार में आज गिरावट, सेंसेक्स 200 अंक टूटा निफ्टी भी 24000 के नीचे
Uday Kotak: उदय कोटक को मिला पद्म भूषण अवॉर्ड, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित
₹14,000 की सैलरी से ₹33 लाख के पैकेज तक, अंकुर वारिकू ने बताया 5 साल का वो सक्सेस सीक्रेट; जिसने बदल दी जिंदगी
करोड़ों रिटेल निवेशक भारी घाटे में
देश की तेज ग्रोथ के बावजूद पिछले दो साल से इंडियन मार्केट मंदी से त्रस्त है, अधिकांश शेयरों के भाव 30 से लेकर 50 प्रतिशत तक के भारी नुकसान में हैं और करोड़ों रिटेल निवेशक भारी घाटे में आ गए हैं। और इस मंदी की सबसे बड़ी वजह है भारी और डबल टैक्सेशन। पहले सरकार ने 10% LTCG लगाया और उसे बढ़ाकर 12.5% कर दिया। फिर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) को 15% से बढ़ाकर 20% कर दिया। इससे मन नहीं भरा तो STT को और बढ़ा दिया।
यह भी पढ़ें: Share Market Updates: शेयर बाजार में आज गिरावट, सेंसेक्स 200 अंक टूटा निफ्टी भी 24000 के नीचे
वित्तमंत्री को हुआ अहसास
इस भारी टैक्स बोझ के कारण विदेशी निवेशकों को भारत में नुकसान होने लगा है। इसलिए वे भारत से अपना पैसा निकालकर अमेरिका, एशिया और यूरोप के बाजारों में लगा रहे हैं। जिससे वैश्विक बाजार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं और भारतीय बाजार में मंदी छाई हुई है। साथ ही डॉलर के सामने रुपया भी लगातार दम तोड़ रहा है। बहरहाल, देर से सही, वित्तमंत्री को अहसास तो हुआ कि भारत में मंदी का कारण उनके द्वारा थोपा गया भारी टैक्स बोझ है। अब निवेशकों को उस पल का इंतजार रहेगा कि वे कितने समय में इक्विटी शेय़रों पर LTCG और STT हटाने का फैसला लेंगी?
