राजकोषीय घाटा (सौजन्य : सोशल मीडिया )
नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज देश की संसद में आम बजट पेश किया है। इस बजट को आम जनता को राहत देने वाला बजट बताया जा रहा है। इस बजट के जरिए मिडिल क्लास सेगमेंट को 12 लाख तक की सालाना इनकम पर टैक्स नहीं देने का प्रावधान किया गया है।
इस बजट में सरकार ने इस चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे के 4.8 प्रतिशत तक रहने का अनुमान लगाया है। बताया जा रहा है कि राजकोषीय घाटे के लिए सरकार आने वाले वित्त वर्ष में बाजार से 11.54 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेने वाली है। सीतारमण ने कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 में कुल व्यय 50.65 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। साथ ही शुद्ध कर प्राप्ति 28.37 लाख करोड़ रुपये रहने आशंका है। उधारी के बिना भी कुल प्राप्तियां 34.96 लाख रुपये रहने का अनुमान जताया जा रहा है।
इसके साथ, वित्त वर्ष 2024-25 में टोटस एक्सपेंस का संशोधित अनुमान 47.16 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जिसमें कैपिटल एक्सपेंडीचर 10.18 लाख करोड़ रुपये है। उधारी के अलावा कुल प्राप्ति का संशोधित अनुमान 31.47 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें शुद्ध कर प्राप्तियां 25.57 लाख करोड़ रुपये हैं।
इस बार के बजट में वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास सेगमेंट को राहत देने का काम किया है। साथ ही उन्होंने आने वाली पीढ़ी के सुधारों का ढांचा पेश किया है। उन्होंने नौकरीपेशा और मिडिल क्लास सेगमेंट को बड़ी राहत देते हुए 12 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले लोगों को पूरी तरह से इनकम टैक्स से छूट देने का ऐलान किया है। साथ ही टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया गया है। इनकम टैक्स का लाभ न्यू टैक्स रिजीम का ऑप्शन चुनने वाले इनकम टैक्सपेयर्स को मिलेगा।
बिजनेस की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें
इस बार के बजट में वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास सेगमेंट को राहत देने का काम किया है। पिछले कई बजट से इस सेगमेंट को नजरअंदाज किया जा रहा था। अब की बार के बजट में 12 लाख तक की सालाना आय वाले लोगों को टैक्स राहत दी गई है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)