बिगबास्केट और 1mg पर टाटा का बड़ा गेमप्लान, 11,176 crore की फंडिंग से क्विक कॉमर्स में मचेगी हलचल
Tata Group News: टाटा ग्रुप अब डिजिटल कंपनियों में बड़ा दांव लगाने की तैयारी में है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बताय कि BigBasket और 1mg से मुनाफे की उम्मीद के साथ फंडिंग हमेशा के लिए खुली नहीं रहेगी।
- Written By: सौरभ शर्मा
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
मुंबई: टाटा ग्रुप अपनी डिजिटल रणनीति को नई रफ्तार देने की तैयारी में है। समूह अब बिगबास्केट और 1mg जैसी डिजिटल कंपनियों में 1.11 खरब (1.3 बिलियन डॉलर) के निवेश की योजना बना रहा है। इस बड़े निवेश का मकसद तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स और ऑनलाइन फार्मेसी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने साफ किया है कि अब कंपनियों को मुनाफा दिखाना होगा, क्योंकि फंडिंग हमेशा के लिए जारी नहीं रहेगी। टाटा का यह कदम न सिर्फ Blinkit और Zepto जैसी कंपनियों को चुनौती देगा, बल्कि डिजिटल बिजनेस में समूह की मौजूदगी को भी निर्णायक बनाएगा।
बिगबास्केट और 1mg टाटा डिजिटल के तहत आते हैं और ग्रुप की योजना इन दोनों कंपनियों के लिए बाहरी निवेशकों से फंड जुटाने की है। इसके लिए टाटा ने Citi और Moelis जैसे इन्वेस्टमेंट बैंकों को जिम्मा सौंपा है। इसमें से एक अरब डॉलर बिगबास्केट को और 300 मिलियन डॉलर 1mg को दिए जाएंगे। बिगबास्केट पहले ही ग्रोसरी डिलीवरी में बड़ा नाम है, लेकिन अब वह क्विक कॉमर्स में भी विस्तार करना चाहता है। यह सेवा दिल्ली-एनसीआर में कुछ प्रोडक्ट्स के लिए 30 मिनट और अन्य के लिए 4 से 5 घंटे की डिलीवरी का विकल्प देती है।
इन्वेस्टर्स से बातचीत चल रही
सूत्रों के मुताबिक यह फंडिंग प्रक्रिया इस महीने के अंत तक शुरू हो सकती है और इसके लिए कनाडा के पेंशन फंड और Temasek जैसे एशियाई इन्वेस्टर्स से बातचीत चल रही है। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि फंड्स का किसी अन्य रिटेल कंपनी में हित न हो। टाटा संस ने अब तक Neu सुपरऐप में 2 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है, लेकिन उसका प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा है, जिससे टाटा ने डिजिटल कारोबार से नतीजे दिखाने की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं।
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Blinkit और Zepto जैसे कांम्पटीटर से पिछड़ना बनी वजह
टाटा संस के मुताबिक बिगबास्केट डिजिटल इकाइयों में सबसे ज्यादा कमाई करती है। वित्त वर्ष 2024 में टाटा डिजिटल की आय दोगुनी होकर 420.5 करोड़ हो गई है। इसके बावजूद बाजार में Blinkit और Zepto जैसे प्रतिद्वंद्वियों से पिछड़ना चिंता का विषय है। ऐसे में ग्रोथ के लिए अब ज्यादा आक्रामक रणनीति अपनाई जा रही है। निवेशकों को टाटा के सपोर्ट से भरोसा जरूर है, लेकिन वैल्यूएशन को लेकर शंका बनी हुई है। फिलहाल बिगबास्केट का आईपीओ मुश्किल माना जा रहा है और इसके लिए अभी और तैयारी जरूरी है।
बिगबास्केट अब मल्टी कैटेगिरी मॉडल पर शिफ्ट
बिगबास्केट का क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म BB Now अब मल्टी-कैटगरी मॉडल पर शिफ्ट हो रहा है। इसे Croma, 1mg, Carat Lane और Zudio जैसे अन्य टाटा ब्रांड्स से जोड़ा जा रहा है ताकि टाटा Neu के लिए एक व्यापक लॉजिस्टिक सपोर्ट तैयार किया जा सके। बिगबास्केट की करीब 80% ऑर्डर क्विक कॉमर्स से आती हैं, लेकिन उसकी बाजार हिस्सेदारी मात्र 10% है। यह अंतर ही टाटा को मजबूती से बाजार में दोबारा जगह बनाने की ओर धकेल रहा है।
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ऑनलाइन से आगे फिजिकल और हाई-स्पीड डिलीवरी नेटवर्क का प्लान
बिगबास्केट में टाटा की हिस्सेदारी 65% से ज्यादा है, जबकि Mirae Asset VC और यूके का CDC ग्रुप भी इसके निवेशक हैं। पिछली बार इसका मूल्यांकन 3.2 बिलियन डॉलर किया गया था। वहीं, टाटा 1mg की लगभग 63% हिस्सेदारी टाटा डिजिटल के पास है, जिसे Sequoia, Intel Capital और बिल गेट्स फाउंडेशन जैसे निवेशकों का साथ मिला है। अब टाटा इन दोनों ब्रांड्स को सिर्फ ऑनलाइन से आगे ले जाकर एक फिजिकल और हाई-स्पीड डिलीवरी नेटवर्क में बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है।
