टाटा का एयर इंडिया प्लान, ₹30 हजार करोड़ खर्च करके बदलेगी सूरत
टाटा ग्रुप संकेत दिए हैं कि वो आने वाले समय में AI में इन्वेट करने वाले हैं। कंपनी इसके लिए अपनी 4 बड़ी कंपनियों में 30 हजार करोड़ निवेश करने वाली है। यह इन्वेटमेंट पहले किए गए $120 अरब डॉलर से अलग होगा।
- Written By: अक्षय साहू
एयर इंडिया बड़ा निवेश करेगी टाटा (फोटो-सोशल मीडिया)
टाटा ग्रुप बहुत जल्द अपनी 4 बड़ी कंपनियों का कायाकल्प करने का प्लान बना रहा है। इन कंपनियों में टाटा संस, टाटा डिजिटल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, एयर इंडिया, डिफेंस और बैटरी यूनिट्स शामिल हैं। टाटा ग्रुप इन कंपनियों की सूरत बदलने के लिए 30 हजार करोड़ खर्च करने वाला है।
जानकारी के मुताबिक, यह पूंजी निवेश इक्विटी फॉर्म में होगा, जिसे टाटा संस के बोर्ड ने हाल ही में गुरुवार को हुई बैठक में मंजूरी दी। यह रणनीतिक निवेश समूह को AI और नई तकनीकों से प्रभावित होते वैश्विक व्यवसाय परिदृश्य में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के प्रयास का हिस्सा है।
निवेश टाटा के प्लान का हिस्सा
यह निवेश टाटा ग्रुप के प्लान का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इन नए व्यवसायों को अगले चरण की वृद्धि और व्यावसायिक सफलता की दिशा में आगे ले जाने की रणनीति का हिस्सा है। यह इनवेस्टमेंट कंपनी की ओर से बीते वर्षों में किए गए $120 अरब डॉलर के कमिटमेंट के अतिरिक्त होगा। वरिष्ठ समूह अधिकारी ने बताया कि यह निवेश टाटा संस की उस योजना का हिस्सा है जिसके तहत वह नए व्यवसायों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराएगा ताकि वे स्केल होकर लाभदायक बन सकें।
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नए CEO की घोषणा जल्द
गौरतलब है कि हाल ही में नवीन ताहिलयानी ने CEO पद से एक साल के भीतर इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में टाटा डिजिटल के लिए जल्द ही एक नए CEO की घोषणा किए जाने की भी बात चल रही है। एन. चंद्रशेखरन, जो फरवरी 2017 से टाटा संस के चेयरमैन हैं और 2022 में दूसरी बार पांच साल के लिए नियुक्त हुए, अब इन नए व्यवसायों के विकास पर निगरानी कर रहे हैं। चंद्रशेखरन ने हाल ही में टाटा केमिकल्स के बोर्ड से इस्तीफा दिया। उन्होंने यह इस्तीफा इसलिए दिया ताकि वह नए व्यवसायों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें।
2025 के वित्तीय वर्ष में कैसा रहा हाल
वित्तीय वर्ष 2025 में टाटा समूह की कंपनियों की राजस्व वृद्धि 4.9% रही, जो FY24 में 12% थी।वहीं, शुद्ध मुनाफा 10.7% बढ़ा, जबकि FY24 में इसमें 28% की वृद्धि हुई थी। ऑपरेटिंग मार्जिन 10% रहा, जो FY24 के 11% से थोड़ा कम है। FY25 में समूह का कुल कर्ज 6% घटकर ₹3 लाख करोड़ पर आ गया।
