भारतीय शेयर बाजार में गिरावट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Stock Market Latest Update:आज सोमवार की सुबह जब दलाल स्ट्रीट पर कारोबार की घंटी बजी, तो निवेशकों के चेहरों पर एक अजीब सी बेचैनी साफ देखी जा सकती थी। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, 16 मार्च को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत उम्मीद के उलट निगेटिव रही।
निवेशक उम्मीद कर रहे थे कि शायद आज का सूरज बाजार के लिए कुछ राहत लेकर आएगा, लेकिन प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 दोनों ही लाल निशान पर ट्रेड करते हुए खुले। बाजार का मिजाज आज ऐसा है कि वह पल भर में हरे निशान की तरफ दौड़ लगाता है, तो अगले ही पल फिसलकर लाल घेरे में आ जाता है।
बाजार खुलते ही 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स 148.13 अंक यानी करीब 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ नीचे आ गया। सेंसेक्स ने दिन की शुरुआत 74,415.79 के स्तर पर की है। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी दबाव से बच नहीं सका।
निफ्टी करीब 35 अंकों की गिरावट के साथ 23,116.10 के लेवल पर ओपन हुआ। यह गिरावट उन लोगों के लिए चिंता का विषय है जो शुक्रवार के झटके के बाद आज रिकवरी की उम्मीद लगाए बैठे थे। बाजार में यह अस्थिरता दर्शाती है कि फिलहाल खरीदार और बिकवाल दोनों ही काफी संभलकर कदम उठा रहे हैं।
बाजार के आज के इस कमजोर व्यवहार के पीछे शुक्रवार, 13 मार्च की वो कड़वी यादें हैं, जिसने शेयर मार्केट को हिलाकर रख दिया था। उस दिन सेंसेक्स में 1470 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद यह 74,563.92 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 488 अंक फिसलकर 23,151.10 के लेवल पर आ गया था।
उस दिन की तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीएसई बास्केट के 30 में से केवल 2 शेयर ही हरे निशान पर बंद हो पाए थे, जबकि बाकी 28 शेयरों में हाहाकार मचा हुआ था। शुक्रवार की उस 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट ने निवेशकों के मन में एक गहरा डर पैदा कर दिया है।
बाजार में मची इस अफरा-तफरी के बीच कुछ बड़े शेयरों के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। टाटा स्टील, एसबीआई (SBIN), मारुति, एलएंडटी और एक्सिस बैंक जैसे दिग्गज शेयर ‘टॉप लूजर’ की सूची में शामिल रहे। निफ्टी बैंक, निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑटो जैसे महत्वपूर्ण सेक्टरों में भी गिरावट का सिलसिला थमा नहीं है।
यह भी पढ़ें: दुनिया देख रही है भारत का दम, सबसे तेजी से बढ़ती GDP के साथ जल्द बनेगा तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था; रिपोर्ट
हालांकि, इस निराशा के बीच हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारती एयरटेल ने कुछ हद तक मोर्चा संभाला और ‘टॉप गेनर’ बनकर उभरे। फिलहाल बाजार की स्थिति ऐसी है कि बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है। मिडिल ईस्ट के तनाव और अन्य वैश्विक कारणों के बीच बाजार का भविष्य आने वाले चंद घंटों की चाल पर निर्भर करेगा।