

Highlights:
तीन दिन की गिरावट के बाद सेंसेक्स दिन में 517 अंक तक उछला।
निफ्टी आईटी में 1.8 प्रतिशत की तेजी, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत गिरा।
एफआईआई ने गुरुवार को 3,459 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि डीआईआई ने 2,891 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
Sensex Today: लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में रहे। सेंसेक्स 416 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ खुला और दिन के कारोबार में 517 अंक तक उछल गया।
हालांकि, बाजार में तेजी का फायदा सभी शेयरों को नहीं मिला। जहां आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली रही। दूसरी ओर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजारों में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाए रखी।
शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 416.25 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,665.64 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 54.55 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,742.20 पर कारोबार की शुरुआत की। इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स 73,249.39 और निफ्टी 22,687.65 पर बंद हुआ था।
दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 517.12 अंक यानी 0.70 प्रतिशत उछलकर 73,766.51 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी 50 भी करीब 100 अंक यानी 0.43 प्रतिशत चढ़कर 22,787.25 के स्तर तक पहुंचा। हालांकि, व्यापक बाजारों में बिकवाली के कारण तेजी का असर सीमित रहा।
सेक्टरवार कारोबार पर नजर डालें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 1.8 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा अधिकांश प्रमुख सेक्टरों पर दबाव बना रहा। निफ्टी मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, ऑटो, पीएसयू बैंक और मीडिया इंडेक्स में गिरावट देखने को मिली।
वहीं, व्यापक बाजारों में बिकवाली ज्यादा तेज रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग 1.3 प्रतिशत गिर गया। इससे संकेत मिला कि प्रमुख सूचकांकों में तेजी के बावजूद छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों का रुझान कमजोर बना हुआ है।
विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये ने भी मामूली मजबूती दिखाई। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे चढ़कर 94.79 पर खुला। गुरुवार को यह 94.82 के स्तर पर बंद हुआ था।
हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से आयात बिल और महंगाई पर दबाव पड़ सकता है।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड का 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक संकेत है। दूसरी ओर, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट और रुपये में मजबूती को बाजार के लिए राहत देने वाले कारकों के रूप में देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इन सकारात्मक संकेतों से विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की बिकवाली का दबाव कुछ कम हो सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेशकों की बड़ी रकम लगी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीओ में लगाए गए 3.73 लाख करोड़ रुपये में से तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि शेयरों के आवंटन के बाद अगले सोमवार तक सिस्टम में वापस आ सकती है।
तकनीकी संकेतकों के अनुसार, निफ्टी का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 43.98 पर रहा, जो इसके 38.86 के औसत स्तर से ऊपर है। वहीं, पुट-कॉल रेशियो (पीसीआर) घटकर 0.82 पर आ गया।
विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,600 से 22,650 का दायरा तत्काल सपोर्ट के रूप में महत्वपूर्ण है। वहीं, ऊपर की ओर 22,900 से 23,000 का स्तर रेजिस्टेंस माना जा रहा है। इन स्तरों के आसपास बाजार की चाल पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 3,459 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।
इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,891 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ समर्थन मिला, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता का कारण बनी हुई है।
वैश्विक बाजारों से मिले संकेत कमजोर रहे। गुरुवार को अमेरिका में एआई आधारित टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली के कारण नैस्डैक करीब 2.6 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली और जापान का निक्केई इंडेक्स लगभग 1.7 प्रतिशत नीचे आ गया।
इस तरह भारतीय बाजार में शुक्रवार को प्रमुख सूचकांकों में तेजी जरूर देखने को मिली, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की गिरावट तथा वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा।