सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने दी रतन टाटा को श्रद्धांजलि, बोले- रतन टाटा थे सिंगापुर के सच्चे मित्र

बुधवार को रतन टाटा की मौत के बाद देश में नहीं विदेशों में भी गम के बादल छाए हुए है। इसी कड़ी में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने भारतीय बिजनेसमैन रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी है।
Singapore Prime Minister Lawrence Wong statement on the death of Ratan Tata
सिंगापुर प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग (सौजन्य : सोशल मीडिया)
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सिंगापुर : सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने भारतीय बिजनेसमैन रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि सिंगापुर के इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेंशन में टाटा के बहुमूल्य योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। आगे वोंग ने बताया है कि वे एक सच्चे दोस्त की तरह थे, सिंगापुर उनकी विरासत को हमेशा संजोकर रखेगा। आपको बता दें कि टाटा समूह के एक्स चेयरमैन रतन टाटा का बुधवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में निधन हो गया था।

फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया मंच पर वोंग ने गुरूवार को रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी और कहा कि सिंगापुर से टाटा का पुराना नाता था। उन्होंने लिखा, ‘‘ रतन टाटा सिंगापुर के सच्चे मित्र थे और हम उनके योगदान और विरासत को संजोकर रखना चाहते हैं। वह हमारे देश के एक मजबूत समर्थक थे और उन्होंने हमारे इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेंशन में बहुमूल्य योगदान दिया।''

टाटा समूह की 15 से अधिक कंपनी

टाटा समूह की 1960 के दशक के उत्तरार्ध से सिंगापुर में बड़ी उपस्थिति है। समूह के जेआरडी टाटा की सिंगापुर यात्रा से शुरू हुए इस सफर को रतन टाटा ने आगे बढ़ाया है। इसके परिणामस्वरूप सिंगापुर में टाटा समूह की आज 15 से अधिक कंपनियां हैं। इनमें आईटी, शिपिंग, इंजीनियरिंग, एनर्जी और फाइनेंशियल सर्विस शामिल हैं।

इकोनॉमिकल रिलेशन को बढ़ावा

समाचार पत्र ‘स्ट्रेट्स टाइम्स' की खबर के अनुसार, सिंगापुर के आर्थिक विकास बोर्ड यानी ईडीबी के चेयरमैन पीएनजी चियोंग बून ने भी रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी। खबर में उनके हवाले से कहा गया, ‘‘ रतन टाटा ने सिंगापुर में टाटा समूह की कॉर्पोरेट उपस्थिति बढ़ाने और भारत और सिंगापुर के बीच घनिष्ठ इकोनॉमिकल रिलेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ''

आपको बता दें कि भारत के दिग्गज उद्योगपति और टाटा समूह के एक्स चेयरमैन रतन टाटा ने बुधवार के दिन अपनी आखिरी सांस ली थी। जिसके बाद गुरूवार को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया। रतन टाटा की मौत की खबर से हर कोई दुखी है। उन्होंने कई अलग अलग माध्यम से देश के लोगों के साथ ही दूसरे देशों की भी काफी मदद की है। उनकी मौत के बाद विदेशों में भी शोक पसरा हुआ है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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